भोपाल,जीतेंद्र यादव । मध्यप्रदेश में गौ संरक्षण और गौ माता को “राज्य माता” का दर्जा देने की मांग को लेकर सियासी और धार्मिक माहौल गरमाता जा रहा है। इस मुद्दे पर पंडित अनुराग भार्गव ने राज्य सरकार को 33 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा में मांगें पूरी नहीं की गईं, तो राजधानी भोपाल में बड़े स्तर पर “गौ प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध” शुरू किया जाएगा।
पंडित अनुराग भार्गव ने कहा कि यह केवल एक मांग नहीं बल्कि आस्था और परंपरा से जुड़ा विषय है। उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन में प्रदेशभर के संत-महंत, गौ भक्त, धार्मिक संगठन और हजारों श्रद्धालु शामिल होंगे। उनका कहना है कि गौ माता सनातन धर्म का आधार हैं और उन्हें राज्य स्तर पर सर्वोच्च सम्मान मिलना चाहिए।
उन्होंने सरकार पर दबाव बनाते हुए कहा कि यदि 33 दिनों के भीतर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो भोपाल में व्यापक आंदोलन होगा और “धर्मयुद्ध का शंखनाद” किया जाएगा। उन्होंने इसे जनभावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि अब संत समाज चुप नहीं बैठेगा। इस दौरान पंडित भार्गव ने कुछ जनप्रतिनिधियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि जो नेता खुद को हिंदू हितैषी बताते हैं, वे गौ माता के मुद्दे पर मौन क्यों हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सदन में अन्य समुदायों के विधायकों द्वारा भी गौ माता को सम्मान देने की मांग उठाई गई है, लेकिन हिंदू नेताओं की ओर से अपेक्षित पहल नहीं हो रही है।
उन्होंने अपनी प्रमुख मांगों में गौ हत्या पर सख्त कानून लागू करने, गौ माता को “राज्य माता” का दर्जा देने, गौ संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देने, नंदी बाबा की सुरक्षा सुनिश्चित करने और गौचर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने रासायनिक खेती को नियंत्रित कर गौ आधारित प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने की भी मांग रखी।
पंडित अनुराग भार्गव ने कहा कि लंबे समय से संत समाज और धर्माचार्य गौ रक्षा को लेकर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन प्रदेशव्यापी रूप ले सकता है।
फिलहाल, इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सभी की नजर अब सरकार के अगले कदम पर टिकी है।

