सतना, सजल कुमार रजक । जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में एक बार फिर रक्त की कमी सामने आई है। वर्तमान में ब्लड बैंक में महज 25 यूनिट रक्त का स्टॉक बचा है। वहीं सतना और आसपास के क्षेत्रों में 37 थैलेसीमिया मरीज रजिस्टर्ड हैं, जिन्हें नियमित रूप से रक्त की जरूरत पड़ती है। ऐसे में ब्लड स्टॉक कम होने से मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार थैलेसीमिया, सिकलसेल, कैंसर मरीजों के साथ हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर रक्त उपलब्ध कराया जा रहा है। जरूरतमंद मरीजों को हर महीने करीब 200 यूनिट रक्त नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाता है। लगातार खपत के मुकाबले रक्तदान कम होने के कारण ब्लड बैंक का स्टॉक तेजी से घट रहा है।
डॉक्टरों के मुताबिक थैलेसीमिया से पीड़ित कुछ मरीजों को महीने में तीन से चार यूनिट तक रक्त की आवश्यकता होती है। ऐसे में नियमित रूप से रक्त की जरूरत वाले मरीजों के कारण ब्लड बैंक पर लगातार दबाव बना हुआ है। कई बार किसी खास ब्लड ग्रुप का स्टॉक खत्म होने की स्थिति में मरीजों के परिजनों को स्वयं रक्तदाता की तलाश करनी पड़ती है।
हालांकि राहत की बात यह है कि जरूरत पड़ने पर रक्तदाता आगे आ रहे हैं। ब्लड बैंक प्रबंधन ने रक्त की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सामाजिक संगठनों और कॉलेजों से संपर्क शुरू कर दिया है। जल्द ही बड़े रक्तदान शिविर आयोजित करने की तैयारी भी की जा रही है। अस्पताल प्रबंधन ने लोगों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करें, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके।




