अमानगंज। खून-पसीने की मेहनत से आशियाना बनाने का सपना देख रहे एक परिवार की खुशियों पर उस वक्त पानी फिर गया, जब नवनिर्मित मकान की छत से बारिश का पानी टपकने लगा। पन्ना जिले के अमानगंज नगर परिषद अंतर्गत वार्ड क्रमांक 12 (तिवारी मोहल्ला) निवासी मगन रजक के मकान की छत में निर्माण के कुछ ही समय बाद गंभीर दरारें उभर आई हैं। निर्माण में एसीसी (ACC) सीमेंट का उपयोग किए जाने और ढलाई के दौरान कंपनी के इंजीनियर द्वारा निरीक्षण किए जाने के बावजूद आई इस तकनीकी खराबी से निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।


इंजीनियर के निरीक्षण के बावजूद दरारें और वाटर लीकेज

मकान मालिक मगन रजक के अनुसार, उन्होंने मजदूरी कर एक-एक पैसा जोड़कर अपने परिवार के लिए इस मकान का निर्माण कराया था: छत ढलाई के समय एसीसी (ACC) सीमेंट कंपनी के तकनीकी इंजीनियर ने स्वयं मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया था। इन दिनों क्षेत्र में हो रही लगातार बारिश के कारण दरारों से पानी टपक रहा है। इससे पूरे परिवार में भय और चिंता का माहौल है कि कहीं यह लीकेज मकान की पूरी संरचनात्मक मजबूती (स्ट्रक्चरल स्ट्रेंथ) को प्रभावित न कर दे। पीड़ित परिवार ने सवाल उठाया है कि यदि कंपनी के मानक और इंजीनियर की देखरेख में काम हुआ, तो फिर सामग्री में खराबी थी या तकनीकी मानकों की अनदेखी हुई?


एसीसी (ACC) कंपनी के इंजीनियर ने दिया जांच का आश्वासन

मामले की गंभीरता को लेकर जब एसीसी कंपनी के संबंधित तकनीकी इंजीनियर से संपर्क किया गया, तो उन्होंने साइट पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने की बात कही: कंपनी इंजीनियर ने कहा कि "मामला संज्ञान में आया है, एक से दो दिनों के भीतर मौके (साइट) पर पहुंचकर छत का भौतिक निरीक्षण किया जाएगा।" पीड़ित मकान मालिक ने मांग की है कि कंपनी की एक्सपर्ट टीम निष्पक्ष तकनीकी जांच करे और यह स्पष्ट करे कि दरारों का वास्तविक कारण क्या है। साथ ही पीड़ित परिवार को हुए नुकसान का उचित समाधान निकाला जाए।