शहडोल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शहडोल आगमन से पहले जिले में राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर पहुंच गई हैं। मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाकर विरोध दर्ज कराने का ऐलान करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के खिलाफ पुलिस ने बड़े पैमाने पर एहतियाती कार्रवाई की है। पुलिस प्रशासन ने त्वरित एक्शन लेते हुए शहडोल, धनपुरी, बुढ़ार और अमलाई थाना क्षेत्रों से कई कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया है।
बाणगंगा मेला मैदान में मुख्य कार्यक्रम: तेंदूपत्ता बोनस और विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जिला मुख्यालय स्थित बाणगंगा मेला मैदान में आयोजित एक वृहद राज्यस्तरीय कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं: मुख्यमंत्री बाणगंगा मेला मैदान से सिंगल क्लिक (DBT) के जरिए प्रदेश के 6 जिलों (शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, रीवा, सीधी और सतना) के 9.77 लाख से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों के खातों में ₹22.89 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन बोनस राशि अंतरित करेंगे। इस अवसर पर शहडोल जिले के लिए ₹460 करोड़ से अधिक की लागत वाले 134 से अधिक विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया जाना प्रस्तावित है। इसके साथ ही वन विभाग के नवीन भवनों का उद्घाटन भी किया जाएगा।
काले कपड़ों में विरोध की रणनीति, पुलिस की धरपकड़
कांग्रेस ने प्रदेश में बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री का घेराव करने और उन्हें काले झंडे दिखाने की रणनीति बनाई थी: कांग्रेस कार्यकर्ता काले कपड़ों में एकत्र होकर और राजनीतिक तख्तियां/चित्र लेकर मुख्यमंत्री के काफिले को रोकने और विरोध प्रदर्शन करने वाले थे। जैसे ही पुलिस और खुफिया एजेंसियों को इस योजना की भनक लगी, संभावित विरोध स्थलों के आसपास सतर्कता बढ़ा दी गई और चार थानों की पुलिस टीमों ने तड़के ही संदिग्ध कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। हालांकि, पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए कुल नेताओं और कार्यकर्ताओं की सटीक संख्या की आधिकारिक घोषणा होना बाकी है।
गरमाया राजनीतिक माहौल
मुख्यमंत्री के दौरे से ठीक पहले हुई इस पुलिस कार्रवाई के बाद जिले में राजनीतिक बयानबाजी और तनाव बढ़ गया है। एक तरफ जहां प्रशासनिक अमला 15 से 20 हजार लोगों की मौजूदगी वाले कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और सुरक्षा में जुटा हुआ है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस द्वारा पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन करार दिए जाने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।













