छतरपुर, विनोद मिश्रा। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के छतरपुर वृत्त एवं डिवीजन कार्यालय में विद्युत कार्यों को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए शिकायत की गई है। शिकायतकर्ता विवेक कुमार निगम ने अधीक्षण अभियंता एवं कंपनी के सीएमडी को अलग-अलग आवेदन देकर कई विद्युत परियोजनाओं में बिना कार्य किए भुगतान किए जाने, सरकारी सामग्री के कथित रूप से खुर्द-बुर्द किए जाने तथा अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका की जांच की मांग की है।


शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संजय नगर से डुमरा तिगैला तक 33 केवी लाइन के कार्य में ठेकेदार को स्टीमेट के अनुसार सामग्री उपलब्ध कराई गई, लेकिन मौके पर पूरी सामग्री नहीं लगाई गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि लोहे के खंभों में निर्धारित मात्रा में सीमेंट-कंक्रीट भी नहीं डाली गई, जिससे लाइन की मजबूती और सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी तरह 132 केवी बड़ामलहरा से भगवां तक 33 केवी जल निगम के कार्य में भी सामग्री और निर्धारित निर्माण मानकों के पालन की जांच की मांग की गई है।


तीन प्रोजेक्ट में बिना काम बिल भुगतान का आरोप

शिकायत में प्रोजेक्ट नंबर 739704, 739701 और 739760 का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया गया है कि संबंधित कार्यों में मौके पर अपेक्षित काम नहीं हुआ, जबकि सामग्री प्राप्त करने और बिल भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। शिकायतकर्ता ने इन परियोजनाओं की तकनीकी जांच, मौके पर भौतिक सत्यापन और सामग्री के स्टॉक रिकॉर्ड का मिलान कराने की मांग की है।


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कार्यपालन यंत्री पर भी लगाए गंभीर आरोप

दूसरी शिकायत में छतरपुर डिवीजन कार्यालय में पदस्थ कार्यपालन यंत्री अमर श्रीवास्तव के कार्यकाल से संबंधित गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने विद्युत खंभों, लाइनों, उपकरणों और स्क्रैप की कथित हेराफेरी, अवैध कॉलोनियों में नियम विरुद्ध विद्युत अधोसंरचना उपलब्ध कराने तथा पद का दुरुपयोग कर अवैध धन अर्जित करने के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। एक अन्य शिकायत में अधिकारी की कथित आय से अधिक संपत्ति की जांच कराने की मांग की गई है। इसमें मकान, भूखंड और आभूषण सहित संपत्तियों का उल्लेख करते हुए विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज संपत्ति विवरण से उनका मिलान कराने तथा आवश्यकता होने पर वैधानिक कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है।


निष्पक्ष जांच और रिकॉर्ड के भौतिक सत्यापन की मांग

शिकायतकर्ता ने संबंधित सभी कार्यों के वर्क ऑर्डर, स्टीमेट, मटैरियल इश्यू रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर, एमबी, बिल, भुगतान अभिलेख और मौके पर किए गए कार्य का स्वतंत्र रूप से सत्यापन कराने की मांग की है। साथ ही आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई तथा शासकीय राशि की वसूली की मांग की गई है। उल्लेखनीय है कि छतरपुर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर इससे पहले भी विभिन्न आरोप सामने आए हैं। हाल में सरकारी विद्युत खंभों की कथित हेराफेरी और अवैध कॉलोनियों में बिजली कनेक्शन से जुड़े आरोपों को लेकर भी रिपोर्ट प्रकाशित हुई हैं।