झांसी। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के चिरगांव कस्बे में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहां शादी न होने और कई रिश्ते टूटने से मानसिक तनाव में चल रहे 28 वर्षीय युवक संतोष कुशवाहा ने मंगलवार देर रात अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। पुलिस ने बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।


मां के वॉशरूम जाते ही अंदर से बंद कर लिया कमरा

चिरगांव कस्बे के करईयन मोहल्ले के निवासी संतोष कुशवाहा मंगलवार रात खाना खाने के बाद अपनी मां प्रभा देवी के साथ कमरे में सोया था। रात करीब 11 बजे मां जब कुछ देर के लिए वॉशरूम गईं, तभी संतोष ने मौका पाकर कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और फंदे पर झूल गया। मां जब वापस लौटीं तो काफी आवाज देने पर भी अंदर से कोई कुंडी नहीं खुली। मां के रोने-चिल्लाने पर पहुंचे परिजनों ने जब दरवाजा तोड़ा, तो संतोष फंदे से लटका मिला। उसे तुरंत नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं।


पिता का साया उठने के बाद अकेला पड़ गया था परिवार

संतोष के पिता नंदराम कुशवाहा की लगभग तीन साल पहले मौत हो चुकी थी। वह मजदूरी करके अपनी मां प्रभा देवी का जीवन-यापन कर रहा था। उसकी दो बड़ी बहनें आरती और पूनम हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। घर में अकेला कमाने वाला और इकलौता बेटा होने के कारण परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं, लेकिन इस अचानक उठाए कदम से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।


कई रिश्ते टूटने से डिप्रेशन में था युवक

मृतक के चाचा मातादीन कुशवाहा ने बताया कि संतोष की शादी के लिए कई जगह बात चल रही थी, लेकिन बार-बार रिश्ते तय होकर टूट जाते थे। इसी वजह से वह पिछले कुछ समय से अत्यधिक तनाव और अवसाद में रहने लगा था। परिवार के सदस्य उसे लगातार समझाते और सांत्वना देते थे, लेकिन शादी न हो पाने का मलाल उस पर भारी पड़ गया।


पुलिस जांच जारी

घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि प्राथमिक जांच में मामला आत्महत्या का ही नजर आ रहा है, फिर भी घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है।