महाराजपुर,शिवम चुरसरिया । लगभग एक वर्ष की देरी के बाद प्रशासन हरकत में आया है। निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समय पर शुरू न हो पाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने स्थल पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता का बारीकी से जायजा लिया।


दरअसल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को करीब एक साल पहले ही शुरू हो जाना था, लेकिन तय समयसीमा बीत जाने के बाद भी यह शुरू नहीं हो सका। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी और ठेकेदार को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य को उच्च गुणवत्ता के साथ तेजी से पूरा किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


कलेक्टर ने कहा कि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है, इसलिए केंद्र को जल्द से जल्द सर्वसुविधायुक्त बनाकर शुरू किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को भी सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग की एक विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए। यह टीम निर्माण कार्य की निगरानी करेगी और यदि किसी प्रकार की कमी पाई जाती है तो उसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजेगी, ताकि आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराकर कार्य को शीघ्र पूरा कराया जा सके।


इसी दौरान वार्ड क्रमांक 4 स्थित संजीवनी अस्पताल का मामला भी सामने आया। यह अस्पताल उद्घाटन के करीब एक वर्ष बाद भी चालू नहीं हो पाया है। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए संबंधित बीएमओ और डॉक्टरों को आवश्यक दिशा-निर्देश देने के लिए कहा। उन्होंने अस्पताल को जल्द से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि स्थानीय लोगों को उपचार के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े।


कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने अपने दौरे के दौरान कन्या हाई स्कूल में चल रहे सर्वाइकल वैक्सीनेशन अभियान का भी निरीक्षण किया। 14 से 15 वर्ष की छात्राओं के लिए चलाए जा रहे इस अभियान का उन्होंने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया और छात्राओं को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रशासन की इस सक्रियता से अब उम्मीद जताई जा रही है कि लंबे समय से लंबित स्वास्थ्य परियोजनाएं जल्द पूरी होंगी और क्षेत्रवासियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी।