भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार को उद्योगपतियों और निवेशकों को राज्य में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि हर स्तर की परियोजनाओं के लिए उन्हें 24 घंटे प्रशासनिक सहयोग मिलेगा।मुंबई में 'इंडिया केम 2026' सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में अपने भाषण के दौरान सीएम माझी ने कहा कि 2040 तक भारत के 1 ट्रिलियन डॉलर के केमिकल उद्योग के लक्ष्य को हासिल करने में ओडिशा महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "ओडिशा आपके लिए पूरी तरह तैयार है। चाहे आपका प्रोजेक्ट छोटा हो या बड़ा, ओडिशा तैयार है। आपके उद्यमों की सफलता सुनिश्चित करने के लिए हम हर कदम पर आपका सहयोग करेंगे।"
माझी ने राज्य के उस विजन के बारे में बताया, जिसके तहत राज्य को खनिजों पर निर्भर अर्थव्यवस्था से बदलकर एक केमिकल-आधारित औद्योगिक पावरहाउस बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि ओडिशा के तीन प्रमुख बंदरगाह, पारादीप, गोपालपुर और धामरा, फीडस्टॉक, औद्योगिक भूमि, जरूरी सुविधाएं, घरेलू बाजार और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों तक आसान पहुंच प्रदान करते हैं।
2040 तक भारत के केमिकल सेक्टर को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने के नीति आयोग के रणनीतिक रोडमैप का जिक्र करते हुए माझी ने मजबूत केमिकल क्लस्टर, भरोसेमंद फीडस्टॉक, इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स, घरेलू तकनीक और एक व्यापक इकोसिस्टम की जरूरत पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री माझी ने कहा, "2040 तक भारत के 1 ट्रिलियन डॉलर के केमिकल सेक्टर के लक्ष्य को पूरा करने के लिए ओडिशा बड़े पैमाने पर योगदान देने को तैयार है।"
मौजूदा और आने वाले औद्योगिक बुनियादी ढांचे के बारे में विस्तार से बताते हुए माझी ने कहा कि पारादीप पीसीपीआईआर में आईओसीएल की 15 मिलियन टन की रिफाइनरी और 61,000 करोड़ रुपए का पेट्रोलियम एवं केमिकल कॉम्प्लेक्स मौजूद है। इससे पॉलीमर पैकेजिंग और टेक्निकल टेक्सटाइल के क्षेत्र में सीधे अवसर पैदा हो रहे हैं, और साथ ही यहां एक 'प्लास्टिक पार्क' भी आने वाला है।
उन्होंने बताया कि गोपालपुर रेफ्रिजरेंट, क्लोरोकेमिकल्स, ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। फर्टिलाइजर सेक्टर में यूरिया उत्पादन के लिए 'तालचेर फर्टिलाइजर्स' के जरिए कोल गैसीफिकेशन (कोयला गैसीकरण) की पहल चल रही है, जबकि 'भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड' लखनपुर में टेक्निकल-ग्रेड अमोनियम नाइट्रेट प्लांट लगा रही है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में संस्थागत स्थिरता का जिक्र करते हुए बताया कि ओडिशा नीति आयोग के 'इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स' (निवेश के अनुकूल राज्यों की सूची) में शीर्ष पांच राज्यों में शामिल है और 'फिस्कल हेल्थ इंडेक्स' (वित्तीय स्वास्थ्य सूचकांक) में सबसे ऊपर है। उन्होंने यह भी बताया कि इस साल देश में आने वाले कुल निवेश में ओडिशा का स्थान दूसरा रहा है।
माझी ने कहा, "टीम ओडिशा हर निवेश प्रस्ताव को लागू होने तक 24 घंटे मदद देने के लिए पूरी तरह तैयार है।" उन्होंने बताया कि ढाई साल से भी कम समय में 3.52 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाओं (लगभग 200 इकाइयों) को पूरी मंजूरी मिल चुकी है।
कुल मिलाकर राज्य को 22.50 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 12.50 लाख करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्तावों को 'हाई-लेवल क्लीयरेंस अथॉरिटी' (एचएलसीए) ने मंजूरी दे दी है।
माझी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रही दिलचस्पी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सितंबर में प्रतिनिधिमंडल की यूएई यात्रा के दौरान 2.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले। इसमें 'इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी' (आईएचसी) के साथ हुआ एक समझौता (एमओयू) भी शामिल है, जिसके तहत रसायन, पेट्रोकेमिकल और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्रों में लगभग 2.10 लाख करोड़ रुपए (30 अरब डॉलर) के एफडीआई का वादा किया गया है।
अपनी बात खत्म करते हुए माझी ने उद्योग जगत के नेताओं से अपील की, "आइए, ओडिशा में निवेश करें और 'समृद्ध ओडिशा' का हिस्सा बनें।"

















