छतरपुर, विनोद मिश्रा। महाराजा कॉलेज की ऐतिहासिक एवं शैक्षणिक पहचान को पुन: स्थापित करने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के तेरहवें दिन आज श्रद्धांजलि एवं जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत शाक्य सर को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन धारण कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।


इसके पश्चात गांधी प्रतिमा और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के आसपास झाड़ू लगाकर स्वच्छता अभियान चलाया गया। आंदोलनकारियों ने स्वच्छता के साथ-साथ शिक्षा और ऐतिहासिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने का संदेश दिया।


कार्यक्रम के दौरान परिसर महाराजा कॉलेज वापस दो, महाराजा कॉलेज की ऐतिहासिक पहचान बहाल करो तथा विश्वविद्यालय प्रशासन होश में आओ के नारों से गूंज उठा।


कार्यक्रम का नेतृत्व कर रही दीप्ति पांडेय ने कहा कि महाराजा कॉलेज केवल एक भवन या संस्था नहीं, बल्कि छतरपुर की ऐतिहासिक और शैक्षणिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। विद्यार्थियों और क्षेत्रवासियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए महाराजा कॉलेज को उसकी स्वतंत्र पहचान वापस मिलनी चाहिए।


उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के विरोध में नहीं, बल्कि महाराजा कॉलेज की ऐतिहासिक एवं शैक्षणिक स्वतंत्र पहचान की बहाली के लिए है। जब तक विद्यार्थियों और क्षेत्रवासियों की मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रहेगा। इस अवसर पर पण्डाल में भजन एवं सुंदरकाण्ड पाठ का भी आयोजन किया गया। इस अवसर पर दीप्ति पांडेय के साथ श्वेता दुबे, छात्र नेता सतेंद्र शर्मा, महाराजा कॉलेज के छात्र भरत कुशवाहा सहित सैकड़ों छात्र मौजूद रहे।