कोच्चि। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने शनिवार को दावा किया कि वोटर लिस्ट रिवीजन के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।कोच्चि में मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) के खिलाफ आयोजित 'जंतर-मंतर' विरोध प्रदर्शन में बोलते हुए दिपके ने कहा कि इस आंदोलन से निपटने के तरीके से पता चलता है कि केंद्र सरकार कितनी कायर है।

इससे पहले, कोच्चि हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए दिपके ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक कि एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली स्थापित नहीं हो जाती।

उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के कार्यकाल से होने वाले चुनावों पर भरोसा नहीं किया जा सकता, और एक राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाने के लिए इनमें हेरफेर की जा रही है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि पूरे देश में मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं और एसआईआर प्रक्रिया से कोई भी राज्य अछूता नहीं है।

केरल के पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी को मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त किए जाने पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी नियुक्तियां चुनाव प्रणाली की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करती हैं।

इस विरोध प्रदर्शन में अभिनेता प्रकाश राज भी शामिल हुए। इसमें सैकड़ों कार्यकर्ताओं, नागरिक अधिकार समर्थकों और आम नागरिकों ने हिस्सा लिया।

उन्होंने कहा, "सरकार ने सीजेपी पर विदेशी चंदा लेने का आरोप लगाया है।"

दिपके ने बताया कि वे राष्ट्रीय ध्वज फहराने के कारण जेल जा चुके हैं और देश में जहां भी जाएंगे, तिरंगा अपने साथ ले जाएंगे।

उन्होंने भविष्यवाणी की कि 2029 में एनडीए सत्ता से 'बाहर' हो जाएगा और यह बदलाव चुनावों के जरिए आएगा।

सीजेपी कार्यकर्ताओं को 'अराजकतावादी' कहे जाने को खारिज करते हुए दिपके ने दावा किया कि वे असल में 'अंबेडकरवादी' हैं।

उन्होंने कहा कि उन्होंने पिछले तीन महीनों में 50 से ज्यादा प्रेस कॉन्फ्रेंस की हैं, जबकि प्रधानमंत्री ने एक बार भी मीडिया का सामना नहीं किया है।