छतरपुर,विनोद मिश्रा, शिवम सोनी। जिले के बिजावर कस्बा निवासी पत्रकार राकेश राय के साथ शराब माफिया के गुंडों द्वारा की गई मारपीट और पुलिस द्वारा की गई कथित पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के खिलाफ सोमवार को छतरपुर के पत्रकारों ने एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पत्रकारों ने अपराधियों को संरक्षण देने और पीड़ित को ही आरोपी बनाने का आरोप लगाकर छतरपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। नाराज पत्रकारों ने शहर में सांकेतिक अर्थी यात्रा निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। भारी आक्रोश के बीच पत्रकारों का हुजूम पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँचा जहां जमकर नारेबाजी की गई।
आपको बता दें कि विगत गुरुवार की रात को बिजावर कस्बे के पत्रकार राकेश सिंह क्षेत्र में चल रहे एक धार्मिक अनुष्ठान का कवरेज कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान पिपट थाना क्षेत्र की एक शराब दुकान के गुंडों द्वारा उनके साथ गंभीर मारपीट की गई। आरोप है कि शराब माफियाओं ने पत्रकार के साथ सरेआम गुंडागर्दी की, लेकिन पुलिस ने निष्पक्ष जांच करने के बजाय पीड़ित पत्रकार पर ही जवाबी मामला दर्ज कर उसे आरोपी बना दिया। पत्रकारों का आरोप है कि पुलिस शराब दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सार्वजनिक करने से कतरा रही है, जो अपराधियों के साथ उसकी मिलीभगत को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। यदि फुटेज सामने आती है, तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा, लेकिन पुलिस की खामोशी उसकी भूमिका को संदिग्ध बना रही है।
सोमवार की सुबह जिले भर के पत्रकार सर्किट हाउस में एकत्रित हुए और वहां से पैदल मार्च करते हुए एसपी कार्यालय पहुँचे। इस आंदोलन को विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने भी अपना समर्थन दिया है। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मारपीट करने वाले दो आरोपी हारून खान निवासी बिजावर और नरेंद्र खंगार निवासी शाहगढ़ को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि पत्रकार संगठन केवल इन गिरफ्तारियों से संतुष्ट नहीं हैं। इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने पिपट थाना के एक पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर मामले की जांच का जिम्मा एएसपी आदित्य पटले को दिया है।
वहीं दूसरी ओर इस मामले का दूसरा पक्ष भी सामने आया है। श्री बालाजी इंटरप्राइजेज के पार्टनर राजेश अवस्थी ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती आवेदन सौंपकर सोशल मीडिया पर उनके और उनके संस्थान के विरुद्ध फैलाई जा रही खबरों को भ्रामक और छवि खराब करने वाली साजिश बताया है। राजेश अवस्थी का कहना है कि व्यावसायिक द्वेष रखने वाले कुछ लोग इस घटना का सहारा लेकर उनकी प्रतिष्ठा धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 23 अप्रैल की रात पिपट स्थित शराब दुकान पर हुआ विवाद दोनों लोगों का आपसी और निजी मामला है, जिसमें संस्थान की कोई संलिप्तता नहीं है। उनके अनुसार यह विवाद कर्मचारी नरेंद्र खंगार और राकेश राय के बीच हुआ था। व्यवसायी का आरोप है कि राकेश राय ने खुद को पत्रकार बताकर शराब के पैसे देने से इनकार किया और दुकान देर तक खुली रखने का दबाव बनाया, जिसके बाद नशे की हालत में दोनों के बीच मारपीट हुई।

