मुंबई, 27 अप्रैल । मुंबई में आम आदमी पार्टी (आप) के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा के घर के बाहर किए गए विरोध प्रदर्शन के खिलाफ पुलिस ने एक्शन लेते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया। साथ ही आठ से अधिक व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।राघव चड्ढा ने 'आप' के अन्य 6 राज्यसभा सांसदों को साथ लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है। इसी नाराजगी में मुंबई स्थित उनके घर के सामने आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था। विरोध प्रदर्शन के दौरान "गद्दार राघव चड्ढा" जैसे नारे लगाए। माहौल बिगड़ता देख खार पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने कुछ समय बाद हिरासत में लिए गए लोगों को नोटिस देकर छोड़ दिया।

पुलिस ने इस घटना में आठ से अधिक आप नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है, साथ ही महाराष्ट्र पुलिस एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं।

यह पूरा विवाद पिछले हफ्ते हुए एक बड़े राजनीतिक बदलाव के बाद सामने आया है, जब राघव चड्ढा समेत आप के सात राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने की घोषणा की थी। यह कदम व्यक्तिगत दलबदल नहीं, बल्कि सामूहिक रूप से पार्टी बदलना बन गया। इस तरह का कदम भारत के दलबदल विरोधी कानून के हिसाब से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है।

आम आदमी पार्टी के पास राज्यसभा में कुल 10 सांसद थे। इनमें से सात सांसदों के एक साथ जाने से दो-तिहाई का आंकड़ा पार हो गया, जिससे वे दलबदल कानून के तहत अपनी सदस्यता बचाने सफल रहे।

इस पूरे मुद्दे ने केवल पार्टी के अंदर ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा शुरू कर दी है। पहले भी दलबदल कानून में सुधार की बातें उठती रही हैं, और खास बात यह है कि खुद राघव चड्ढा भी ऐसे कुछ सुधार प्रस्तावों का समर्थन कर चुके थे।

राघव चड्ढा को पंजाब से राज्यसभा के लिए चुना गया था, इसलिए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलने का समय मांगा है, ताकि वे इस पूरे मामले में 'आप' की ओर से अपनी बात रख सकें और कथित बागी सांसदों की अयोग्यता की मांग उठा सकें।