छतरपुर। छतरपुर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों के राशन में हेराफेरी करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन का सख्त रुख जारी है। कलेक्टर मृणाल मीना के कड़े निर्देशों के पालन में खाद्य विभाग ने सेवा सहकारी समिति मर्यादित रामपुर (कुर्रा) द्वारा संचालित शासकीय उचित मूल्य दुकान रामपुर (कोड 2301059) के विक्रेता कुलदीप यादव के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत थाना ईशानगर में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया है। इसके साथ ही स्टॉक में कम पाए गए खाद्यान्न के एवज में विक्रेता से 3.56 लाख रुपये की वसूली का आदेश भी पारित किया गया है।


मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, ग्राम पंचायत रामपुर में लंबे समय से पात्र हितग्राहियों को राशन वितरण न किए जाने की गंभीर शिकायतें प्रशासन को प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी छतरपुर हरिओम वर्मा ने 30 जुलाई 2026 को उक्त उचित मूल्य दुकान का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान भौतिक स्टॉक और रिकॉर्ड का मिलान करने पर भारी अनियमितताएं उजागर हुईं। दुकान में 101.26 क्विंटल गेहूं, 22.79 क्विंटल चावल तथा 24 किलोग्राम शक्कर भौतिक रूप से कम भंडारित पाई गई, जिससे साफ हुआ कि गरीबों के हक का यह अनाज बाजार में खुर्द-बुर्द कर दिया गया था।


स्टॉक में भारी कमी और वितरण में लापरवाही को मध्य प्रदेश सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश, 2015 के स्पष्ट प्रावधानों का खुला उल्लंघन मानते हुए प्रशासन ने विक्रेता के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की। बाजार दर के आधार पर गायब खाद्यान्न की कुल कीमत 3.56 लाख रुपये आंकी गई, जिसकी वसूली संबंधित विक्रेता से की जाएगी। साथ ही थाना ईशानगर में विक्रेता कुलदीप यादव पर वैधानिक एफआईआर दर्ज कर आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पात्र हितग्राहियों तक शासन की योजनाओं का लाभ पारदर्शी ढंग से पहुंचाने के लिए जिले भर की राशन दुकानों पर औचक निरीक्षण और सख्त कार्रवाई का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।