जम्मू। जम्मू-कश्मीर विधानसभा का 27 दिन लंबा बजट सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। इस बार सत्र के हंगामेदार रहने की उम्मीद है, क्योंकि विपक्ष मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी कर रहा है।
बजट सत्र के दौरान जिन मुद्दों पर सबसे ज्यादा ध्यान रहने की संभावना है, उनमें दिहाड़ी मजदूरों को रेगुलर करने का मुद्दा, पिछली बजट के बाद से सरकार का प्रदर्शन, उसकी उपलब्धियां और जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिलाना शामिल है।
वित्त विभाग संभालने वाले उमर अब्दुल्ला 6 फरवरी को विधानसभा में बजट पेश करेंगे। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा सोमवार को विधानसभा सत्र को संबोधित करेंगे, क्योंकि सत्र के सुचारू संचालन और समय के प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने पर ध्यान देते हुए सत्र के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ चर्चा की। स्पीकर राथर ने कहा कि सत्र से जुड़े अन्य अधिकारियों के साथ भी विचार-विमर्श किया गया।
उन्होंने कहा, "मीडियाकर्मियों को कार्यवाही के बारे में जानकारी दी गई। उनकी मांगों पर भी विचार किया गया, जिन्होंने सदन के सुचारू संचालन की आवश्यकता पर जोर दिया।" राथर ने कहा कि शुक्रवार को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
उन्होंने कहा, "सत्र को लोगों के लिए और अधिक फायदेमंद कैसे बनाया जाए, इस पर विचार-विमर्श किया गया। बिजनेस एडवाइजरी कमेटी भी शेड्यूल को अंतिम रूप देने में शामिल थी। पहले तैयार किया गए सदन के अस्थायी कैलेंडर को अंतिम रूप दे दिया गया है और इसे बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की रिपोर्ट के साथ सदन के सामने रखा जाएगा।"
स्पीकर ने कहा, "समय का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए विधानसभा मुख्य रूप से डबल-शिफ्ट मोड में काम करेगी।" उन्होंने सदस्यों से उचित प्रश्न पूछकर प्रश्नकाल का प्रभावी ढंग से उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने सरकार से भी अच्छी तैयारी के साथ आने और उचित जवाब देने का आह्वान किया।
विपक्ष की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए राथर ने कहा कि सरकार पर नजर रखने और जवाबदेही सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी विपक्ष की है, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि आलोचना रचनात्मक और ठोस आधार पर होनी चाहिए। यह 16 अक्टूबर, 2024 को पदभार संभालने के बाद उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार का दूसरा बजट होगा।
स्पीकर की ओर से जारी विधानसभा कैलेंडर के अनुसार, बजट सत्र 4 अप्रैल को समाप्त होगा और तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा - पहला पवित्र मुस्लिम महीने रमजान शुरू होने से पहले और अन्य दो मार्च और अप्रैल में ईद-उल-फितर के बाद।
चांद दिखने के आधार पर रमजान 18 या 19 फरवरी को शुरू होने की उम्मीद है। फरवरी में 6 फरवरी को मुख्यमंत्री द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 का बजट और 2025-26 के लिए खर्च का सप्लीमेंट्री स्टेटमेंट पेश किया जाएगा। मार्च और अप्रैल में क्रमशः पांच और चार दिन कामकाज होगा।
--आईएएनएस
जम्मू-कश्मीर विधानसभा का बजट सत्र, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा करेंगे संबोधित
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Piyush Awasthi
10 अक्टूबर 2026, 09:18 pm IST
Piyush Awasthi10 अक्टूबर 2026, 09:18 pm IST
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