शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर में शनिवार शाम एक आवारा कुत्ते ने ऐसा खूनी आतंक मचाया कि पूरे शहर में दहशत का माहौल निर्मित हो गया। इस खूंखार कुत्ते ने महज 1 घंटे के भीतर शहर के 8 अलग-अलग रिहायशी इलाकों में दौड़-दौड़कर करीब 60 राहगीरों और स्थानीय लोगों पर जानलेवा हमला कर उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया। शनिवार शाम 4:30 बजे से 5:30 बजे के बीच घटित हुई इस अप्रत्याशित घटना ने नगर पालिका के डॉग स्क्वॉड और आवारा पशु नियंत्रण व्यवस्था की पूरी तरह पोल खोलकर रख दी है। सभी घायलों को आनन-फानन में इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम को आपातकालीन उपचार शुरू करना पड़ा।
घर के बाहर खेल रही 2 साल की मासूम को बुरी तरह नोचा
कुत्ते का सबसे क्रूर और दिल दहला देने वाला हमला नबाब साहब रोड पर हुआ, जहाँ महज 2 वर्ष की मासूम बच्ची वेदिका कुशवाह अपने घर के बाहर आंगन में खेल रही थी। तभी इस खूंखार कुत्ते ने अचानक बच्ची पर हमला बोल दिया और उसके गाल, कान और होंठों के मांस को बुरी तरह नोच डाला। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर जब तक परिजन बाहर दौड़े और कुत्ते को भगाया, तब तक मासूम गंभीर रूप से लहूलुहान हो चुकी थी। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती कराया गया, जहाँ सर्जनों को बच्ची के कोमल चेहरे की गंभीर चोटों को ठीक करने के लिए पूरे 35 टांके (स्टिच) लगाने पड़े।
सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बीच बड़ा हादसा
यह डरावनी घटना एक ऐसे समय में सामने आई है, जब देश की सर्वोच्च अदालत (सुप्रीम कोर्ट) आवारा कुत्तों के बढ़ते हमलों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बेहद सख्त रुख अपना रही है। उल्लेखनीय है कि अभी हाल ही में 20 मई को सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा था कि यदि अत्यधिक आवश्यकता पड़े, तो रेबीज से ग्रसित, असाध्य रूप से बीमार या इंसानी जान के लिए बेहद खतरनाक हो चुके आवारा कुत्तों को मानवीय तरीके से दया-मृत्यु (Euthanasia) दी जा सकती है। शिवपुरी की इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते शहर से ऐसे हिंसक कुत्तों को नहीं पकड़ा गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी भयावह हो सकती है।



