जबलपुर। जिले के पाटन थाना क्षेत्र अंतर्गत आगासौद गांव से एक रूह कँपा देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक हिंसक आवारा कुत्ते ने एक मजदूर परिवार की दो मासूम सगी बहनों पर जानलेवा हमला कर दिया। कुत्ते ने पहले घर के बाहर खेल रही तीन वर्षीय बच्ची को बुरी तरह नोंच डाला और फिर कमरे के भीतर घुसकर बिस्तर पर सो रही महज ढाई महीने की नवजात बच्ची को जबड़े में दबोचकर भागने लगा। गनीमत रही कि बच्चों की माँ ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपनी जान पर खेलकर दोनों बेटियों को मौत के मुँह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
खेत पर बने कच्चे मकान में सो रही थी मासूम
जानकारी के अनुसार, आगासौद गांव में नरेश भवेदी अपनी पत्नी सुलोचना और दो बेटियों के साथ खेत पर बने एक कच्चे मकान में रहकर मजदूरी करता है। उसकी बड़ी बेटी प्राची तीन वर्ष की है, जबकि छोटी बेटी पूर्वी केवल ढाई महीने की है। गुरुवार शाम करीब चार बजे प्राची घर के बाहर खेल रही थी, तभी अचानक एक खूंखार आवारा कुत्ता वहाँ आ धमका और प्राची के चेहरे व शरीर को बेरहमी से चबाने लगा।
कमरे में घुसकर नवजात को उठाया, माँ की बहादुरी से बची जान
बेटी की चीखें सुनकर माँ सुलोचना तुरंत बाहर भागी और प्राची को बचाने का प्रयास करने लगी। इसी बीच, कुत्ता सुलोचना को चकमा देकर सीधे घर के कमरे में दाखिल हो गया, जहाँ ढाई महीने की मासूम पूर्वी सो रही थी। कुत्ते ने नवजात को अपने जबड़े में फंसाया और वहाँ से भागने लगा। सुलोचना ने हिम्मत नहीं हारी और चिल्लाते हुए कुत्ते के पीछे दौड़ लगा दी। काफी दूर तक पीछा करने के बाद माँ ने आखिरकार अपनी बच्ची को कुत्ते के मुँह से छुड़ा ही लिया।
अस्पताल में भर्ती, हालत गंभीर
घटना के बाद चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। स्थानीय निवासी रजनेश दुबे ने तत्काल अपनी गाड़ी से दोनों लहूलुहान बच्चियों को इलाज के लिए एक निजी अस्पताल पहुँचाया। डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों बच्चियों के शरीर और चेहरे पर गहरे जख्म आए हैं। उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है।
प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले घटनाक्रम के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने सुलोचना की बहादुरी की जमकर सराहना की है, लेकिन साथ ही आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी व्यक्त की है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में हिंसक हो चुके आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद नगर निगम और स्थानीय प्रशासन इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है, जिससे मासूम बच्चे लगातार इसका शिकार बन रहे हैं।

