नई दिल्ली। दिल्ली के रामलीला मैदान में एक नवंबर को होने वाली इंडिया ब्लॉक की रैली को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेता प्रवीण शंकर कपूर ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के उस दावे पर सवाल उठाए हैं, जिसमें रैली में 10 लाख लोगों के जुटने की बात कही जा रही है।
आईएएनएस से बातचीत में भाजपा नेता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि राहुल गांधी काफी समय से दावा कर रहे हैं कि एक नवंबर को दिल्ली में 10 लाख लोग पहुंचेंगे। उन्होंने बताया कि रामलीला मैदान में पहले भी कई राजनीतिक रैलियां हो चुकी हैं और उन्हें वहां की क्षमता का अंदाजा है। भाजपा नेता शनिवार सुबह रामलीला मैदान पहुंचे और वहां की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि मैदान में दोनों तरफ तिरंगे के रंग की बैरिकेडिंग की गई है और बीच में कुर्सियां लगाई गई हैं। उनके अनुसार, वहां लगभग 20 से 22 हजार कुर्सियों की व्यवस्था की जा सकती है जबकि निरीक्षण के समय तक करीब 8 से 10 हजार कुर्सियां ही लगाई गई थीं।
उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि केवल वही व्यक्ति 22 हजार कुर्सियों के इंतजाम के बीच 10 लाख लोगों को बुलाने का दावा कर सकता है, जो आलू से सोना बनाने की बात करता हो। उन्होंने राहुल गांधी के मॉक पार्लियामेंट के आयोजन पर भी कटाक्ष किया और कहा कि उन्हें असली संसद में बहुमत हासिल करने पर ध्यान देना चाहिए। कपूर ने नेशनल हेराल्ड मामले का जिक्र करते हुए भी राहुल गांधी पर निशाना साधा।
वहीं, बिहार सरकार के मंत्री जमा खान ने कहा कि जब भी धरना-प्रदर्शन होता है, तो आम जनता और व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इससे आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं। देश लोकतांत्रिक व्यवस्था वाला स्वतंत्र राष्ट्र है और विपक्ष को अपनी बात रखने तथा विरोध करने का पूरा अधिकार है। हालांकि, विरोध का तरीका ऐसा नहीं होना चाहिए, जिससे आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़े।
उन्होंने कहा कि जनता ने वर्षों तक आज जो विपक्ष में हैं, उन्हें सत्ता में बिठाया। हालांकि, जब काम नहीं करेंगे तो जनता सत्ता से भी हटा देती है। बिहार में एनडीए सरकार के कामकाज का जिक्र करते हुए खान ने कहा कि राज्य में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में विकास के कई काम हुए हैं। मंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह सरकार के अच्छे कामों का भी विरोध करता है। विपक्ष की बयानबाजी और आलोचना को जनता समझ चुकी है।














