इंदौर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में इन दिनों संगठनात्मक नियुक्तियों को लेकर अंदरूनी कश्मकश का दौर जारी है। युवा और महिला मोर्चा के बाद अब पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिला अध्यक्षों की नियुक्तियों को लेकर पार्टी के भीतर खासी खींचतान देखने को मिल रही है। इंदौर नगर अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद उपजे विवाद के साए में अब इंदौर ग्रामीण अध्यक्ष के पद पर पेंच फंस गया है। पूर्व विधायक जीतू जिराती अपने समर्थक के नाम पर अड़ गए हैं, जबकि क्षेत्रीय विधायकों ने अपने-अपने दावेदार आगे बढ़ा दिए हैं। इस तनातनी के चलते फिलहाल घोषणा को रोक दिया गया है।
नगर में चूकने के बाद ग्रामीण में जिराती ने डाली 'टोपी'
पिछला अनुभव और राजनीतिक प्रतिष्ठा इस विवाद की मुख्य वजह मानी जा रही है। भाजपा पिछड़ा वर्ग के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार ने हाल ही में निखिल सोनी को इंदौर नगर का अध्यक्ष घोषित किया था। नगर अध्यक्ष की रेस में करीब एक दर्जन दावेदार थे, जिनमें से जीतू जिराती के कट्टर समर्थक निलेश चौधरी का नाम भी पैनल में शामिल था। निलेश चौधरी को टिकट न मिलने से नाराज उनके कार्यकर्ताओं ने इंदौर नगर भाजपा अध्यक्ष सुमित मिश्रा का पुतला फूंका था और उनकी नेम प्लेट पर कालिख तक पोत दी थी। नगर में अपने समर्थक को पद दिलाने में नाकाम रहे जीतू जिराती अब ग्रामीण क्षेत्र के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं।
शिव डिंगू के नाम पर अड़े जिराती
जीतू जिराती ने ग्रामीण अध्यक्ष पद के लिए शिव डिंगू का नाम मजबूती से आगे बढ़ाया है। शिव डिंगू पाटीदार समाज से आते हैं और राऊ नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। राऊ में भाजपा की पहली परिषद डिंगू के नेतृत्व में ही गठित हुई थी, इसलिए जिराती तर्क दे रहे हैं कि डिंगू की वरिष्ठता को देखते हुए उन्हें इस पद से उपकृत किया जाना चाहिए।
विधायकों ने बढ़ाए अपने मोहरे: राऊ, महू और देपालपुर से अलग दावेदारी
जिराती की इस घेराबंदी के सामने स्थानीय विधायकों ने भी अपनी पसंद के नेताओं की पैरवी शुरू कर दी है, जिससे मामला त्रिकोणीय हो गया है:
- राऊ विधायक मधु वर्मा की पसंद: मधु वर्मा ने नैनोद के लाखन सिसोदिया का नाम आगे किया है। सिसोदिया कलोता समाज से आते हैं और क्षेत्र में उनकी अपनी पकड़ है।
- महू विधायक उषा ठाकुर की पसंद: पूर्व मंत्री और महू विधायक उषा ठाकुर ने धर्मराज कश्यप का नाम दिया है। कश्यप वर्तमान में मोर्चा के जिला महामंत्री हैं, पूर्व सरपंच रह चुके हैं और सबसे बड़ी बात यह है कि उनके खाते में कोई राजनीतिक विवाद नहीं है।
- आकाश विजयवर्गीय का समर्थन: पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने दीपक यादव का नाम आगे बढ़ाया है, जो वर्तमान में भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिला महामंत्री हैं। हालांकि, वे राऊ विधानसभा के निवासी हैं, लेकिन मधु वर्मा या जीतू जिराती ने उनके नाम की पैरवी नहीं की है।
- खाती समाज की दावेदारी: देपालपुर विधानसभा के अंतर्गत आने वाले माचल के मनोज चौधरी और वर्तमान जिला अध्यक्ष मुकेश पटेल भी रेस में हैं। ये दोनों खाती समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं, और मुकेश पटेल दोबारा अध्यक्ष बनने के लिए लॉबिंग कर रहे हैं।
बीच का रास्ता निकालने में जुटा संगठन, सामंजस्य की कोशिशें तेज़
पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार चाहते हैं कि बिना किसी आंतरिक कलह के जल्द से जल्द सभी जिला अध्यक्षों के नामों की घोषणा हो जाए ताकि आगामी सांगठनिक कार्यों के लिए कार्यकारिणी का गठन किया जा सके। पार्टी सूत्रों का कहना है कि विवाद को टालने के लिए बीच का रास्ता (फार्मूला) निकाला जा रहा है। इस पूरी कवायद में ग्रामीण भाजपा जिला अध्यक्ष श्रवण चावड़ा को सभी गुटों और विधायकों के बीच समन्वय बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चावड़ा लगातार सभी नेताओं से वन-टू-वन चर्चा कर आम सहमति बनाने का प्रयास कर रहे हैं। मजेदार बात यह है कि जीतू जिराती को लाखन सिसोदिया या धर्मराज कश्यप के नाम पर कोई व्यक्तिगत आपत्ति नहीं है। कश्यप का नाम निर्विवाद होने के कारण संगठन उन्हें एक 'न्यूट्रल' और सर्वमान्य विकल्प के रूप में भी देख रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि संगठन जिराती को मनाता है या विधायकों की पसंद पर मुहर लगती है।




