दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव के नामांकन के आखिरी दिन किला चौक पर आयोजित भाजपा की विशाल जनसभा में एक बेहद भावुक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षण देखने को मिला। टिकट कटने के बाद पहली बार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ मंच साझा कर रहे पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा जनता और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अपने जज्बात पर काबू नहीं रख सके। सभा को संबोधित करते वक्त अचानक उनकी आवाज भर्रा गई और गला भर आया, जिसे देख मैदान में मौजूद उनके समर्थक भी भावुक हो गए। अपनी रुंधी हुई आवाज को संभालते हुए नरोत्तम मिश्रा ने पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी और बगावत की खबरों पर कांग्रेस को दो टूक जवाब दिया और कार्यकर्ताओं में नया जोश फूंका।


कांग्रेस की 'फूट' वाली अफवाहों पर नरोत्तम का सीधा जवाब

पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस द्वारा भाजपा में आंतरिक कलह और नरोत्तम गुट की नाराजगी को लेकर दिए जा रहे बयानों पर पलटवार करते हुए पूर्व गृहमंत्री ने मंच पर मौजूद नेताओं की तरफ इशारा किया। उन्होंने कहा: "कांग्रेस के लोग ढोल पीट रहे हैं और कह रहे हैं कि भारतीय जनता पार्टी में फूट मची है। कांग्रेसियों, आंखें खोलकर देख लीजिए, हम सब आज यहां एक साथ, एक जाजम पर खड़े हैं। भाजपा कोई परिवारवादी पार्टी नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं का समंदर है। हम भाजपा के एक-एक देवतुल्य कार्यकर्ता के दम पर और अपनी पूरी ताकत से इस दतिया उपचुनाव को ऐतिहासिक मतों से जीतकर दिखाएंगे।"


"एक तरफ सोने की चम्मच वाले राजा, दूसरी तरफ राष्ट्र सेवा में समर्पित रंक"

अपने संबोधन के दौरान नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर तीखा वैचारिक हमला बोला। उन्होंने चुनावी मुकाबले को 'राजा बनाम रंक' की लड़ाई करार देते हुए कहा: "दतिया की जनता को यह समझना होगा कि इस चुनाव में दो अलग-अलग विचारधाराएं आमने-सामने हैं। एक तरफ वो 'राजा' (कांग्रेस नेता) हैं, जो मुंह में सोने की चम्मच लेकर पैदा हुए हैं, जिन्हें गरीबी और जमीन की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। दूसरी तरफ हमारे 'रंक' (भाजपा के शीर्ष नेता और कार्यकर्ता) हैं, जो अपने बचपन में ही सब कुछ छोड़कर राष्ट्र की सेवा के लिए घर से निकल गए थे और जिन्होंने अपना पूरा जीवन इस देश को मजबूत करने में लगा दिया।" नरोत्तम मिश्रा का यह भावुक और आक्रामक अंदाज दतिया के चुनावी समर में भाजपा के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। उनके इस रुख से साफ हो गया है कि टिकट कटने के बावजूद वे पार्टी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को चुनाव जिताने के लिए पूरी ताकत से मैदान में डटे रहेंगे।