छतरपुर, सुबोध त्रिपाठी। बिजावर विधायक राजेश शुक्ला बबलू ने एक बार फिर जनता के हितों और युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता देते हुए मध्य प्रदेश विधानसभा में दो महत्वपूर्ण मुद्दे प्रखरता से उठाया है। जनता की समस्याओं और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए बबलू शुक्ला ने युवाओं की शिक्षा संबंधी विसंगतियों को दूर करने और क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए बड़ा प्रयास किया है।
पॉलिटेक्निक डिप्लोमा धारकों के अधिकारों की लड़ाई
प्राप्त जानकारी के मुताबिक क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में आ रही व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखते हुए बबलू शुक्ला ने तकनीकी शिक्षा मंत्री के समक्ष पॉलिटेक्निक छात्रों का मुद्दा मजबूती से रखा। उन्होंने 3-वर्षीय पॉलिटेक्निक डिप्लोमा को 12वीं के समकक्ष पूर्ण मान्यता दिए जाने की मांग रखी, ताकि डिप्लोमा धारकों को स्नातक एवं अन्य शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में निर्बाध प्रवेश मिल सके। साथ ही युवाओं के साथ किसी भी स्तर पर भेदभाव न हो, इसके लिए उन्होंने शासन से इस विसंगति को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की, ताकि डिप्लोमा धारकों को 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों के समान सभी अवसर प्राप्त हो सकें।
क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए बबलू शुक्ला ने छतरपुर जिले की ग्राम पंचायत ईशानगर को नगर परिषद का दर्जा दिलाने हेतु विधानसभा में आधिकारिक याचिका प्रस्तुत की, जिसे विधानसभा अध्यक्ष द्वारा स्वीकार करते हुए सदन में प्रस्तुत करने की अनुमति प्रदान की गई। विधायक श्री शुक्ला ने बताया कि ईशानगर के नगर परिषद बनने से क्षेत्र में अधोसंरचना नागरिक सुविधाओं, सड़कों, स्वच्छता और रोजगार के नए अवसरों का विस्तार होगा। विधायक बबलू शुक्ला के इन प्रयासों से स्पष्ट है कि वे न केवल युवाओं के शैक्षणिक एवं रोजगार संबंधी अधिकारों की रक्षा के लिए तत्पर हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों को शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराकर समूचे क्षेत्र के विकास के लिए भी निरंतर प्रयासरत हैं। वहीं ईशानगर को नगर परिषद बनाने की याचिका स्वीकृत होने और युवाओं की आवाज विधानसभा में गूंजने पर क्षेत्रवासियों और युवाओं में भारी उत्साह व्याप्त है।




