पटना। बिहार सरकार ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत लगभग 97.84 लाख लाभार्थियों को 1,423.94 करोड़ रुपए वितरित किए हैं। इसके तहत राज्य भर में बुजुर्ग नागरिकों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।
यह कार्यक्रम पटना के लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प हॉल' में वरिष्ठ मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों की उपस्थिति में आयोजित किया गया।
सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में 1,100 रुपए हस्तांतरित किए। इस प्रक्रिया के लिए जारी की गई कुल राशि 1,423.94 करोड़ रुपए से अधिक थी।
राज्य सरकार ने घोषणा की है कि अब से पेंशन राशि प्रत्येक माह की 10 तारीख को डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य समय पर भुगतान सुनिश्चित करना और पेंशन वितरण के संबंध में लाभार्थियों को सरकारी कार्यालयों में जाने की आवश्यकता को कम करना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि 'बिहार पेंशन दिवस' प्रतिवर्ष 10 जुलाई को मनाया जाता है और उन्होंने सभी पेंशन लाभार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों को समय पर वित्तीय सहायता सुनिश्चित करना है।
व्यापक विकास एजेंडा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 'विकसित भारत' के विजन पर काम कर रहे हैं, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्ध बिहार के निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने कहा कि इन उद्देश्यों के अनुरूप सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों को मजबूत किया जा रहा है।
सम्राट चौधरी ने बताया कि मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन 400 रुपए से बढ़ाकर 1100 रुपए कर दी गई है, जिससे लाखों वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को काफी आर्थिक राहत मिली है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उन सभी पात्र व्यक्तियों की पहचान करें और उन्हें पेंशन योजनाओं में शामिल करें जो अभी तक इस योजना के अंतर्गत नहीं आए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी को सामाजिक सुरक्षा पेंशन कार्यक्रम में शामिल किया जाए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी योग्य व्यक्ति को योजना के लाभों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पात्र आवेदकों को शामिल करने की प्रक्रिया में तेजी लाएं और साथ ही पारदर्शी और समय पर पेंशन वितरण सुनिश्चित करें।




