भोपाल, सुबोध त्रिपाठी। मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में व्यापक स्तर पर पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू की गई है। पुलिस मुख्यालय (PHQ), भोपाल द्वारा जारी एक वृहद आदेश के तहत प्रदेश भर में पदस्थ 2035 सहायक उपनिरीक्षकों (ASI) और कार्यवाहक उपनिरीक्षकों को उपनिरीक्षक (SI) के पद पर स्थानापन्न/अस्थायी रूप से पदोन्नत किया गया है।
पुलिस उप महानिरीक्षक (कार्मिक) रियाज़ इकबाल द्वारा 20 जुलाई 2026 को यह आदेश जारी किया गया।
पदोन्नति और वेतनमान के मुख्य बिंदु
- नियम और निर्देश: सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा 30 जून 2026 को जारी पत्र और ‘मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025’ के निहित प्रावधानों के तहत यह कार्यवाही की गई है।
- पे-मेट्रिक्स: पदोन्नत अधिकारियों को वेतनमान 9300-34800 + 3600 ग्रेड पे (पे-मेट्रिक्स लेवल-9) के तहत पदोन्नति पद का लाभ कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से मिलेगा।
- याचिका के अधीन: यह समस्त पदोन्नतियां माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लंबित विशेष अनुमति याचिका (क्रमांक 13954/2016) तथा न्यायालयों द्वारा भविष्य में दिए जाने वाले आदेशों के अधीन होंगी।
इकाई प्रमुखों के लिए सख्त दिशा-निर्देश
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि यदि पदोन्नत अधिकारियों में से कोई भी निम्नलिखित श्रेणियों में आता है, तो उन्हें तत्काल कार्यमुक्त न करते हुए PHQ को सूचित किया जाए:
- विभागीय जांच/निलंबन: संबंधित अधिकारी निलंबित हो, उसके खिलाफ विभागीय जांच में आरोप पत्र जारी हुआ हो या सक्षम न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया हो।
- दंड प्रभावशील होना: पदोन्नति नियम 2025 के तहत अयोग्य ठहराने वाला कोई दंड प्रभावी हो।
- प्रशिक्षण: जिन्होंने मूलभूत (बेसिक) प्रशिक्षण उत्तीर्ण न किया हो।
- अन्य संवर्ग: जिला बल संवर्ग के अतिरिक्त अन्य संवर्ग (जैसे ट्रेड, विसबल, विशेष शाखा, अअवि आदि) के कर्मचारियों को जिला संवर्ग की पदोन्नति पर आमद न दी जाए।
उपर्युक्त शर्तों का पालन न कर कार्यमुक्त करने पर पूरी जिम्मेदारी संबंधित इकाई प्रमुख (Unit Head) की होगी।
वेतन निर्धारण का विकल्प
पदोन्नत शासकीय सेवकों को वेतन निर्धारण हेतु 'मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025' के नियम 13 के तहत आदेश प्राप्ति के एक माह के भीतर अपना विकल्प प्रस्तुत करना होगा।




