भोपाल, जीतेन्द्र यादव। मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह राज्य के नए मुख्य सचिव के साथ आयोजित पहली कैबिनेट बैठक थी। बैठक की शुरुआत में पूर्व मुख्य सचिव अनुराग जैन को नीति आयोग में नियुक्ति पर बधाई दी गई। मंत्री ने कहा कि अनुराग जैन के कार्यकाल में प्रदेश में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य हुए और नीति आयोग में उनकी नियुक्ति मध्य प्रदेश के लिए गौरव का विषय है।
कैबिनेट ने महर्षि सांदीपनि के नाम पर गुरु पूर्णिमा को "श्रद्धा पर्व" के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। साथ ही आयुष्मान भारत योजना के सफल क्रियान्वयन पर मध्य प्रदेश को मिले राष्ट्रीय सम्मान का भी उल्लेख किया गया। मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी 'मन की बात' में सीधी जिले के अमृत सरोवर कार्यों की सराहना की है।
बैठक में न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मध्य प्रदेश में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्णय लिया गया। साथ ही पेपर लीक जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए तीन माह के भीतर ठोस निर्णय लेने तथा इसके लिए स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल तैयार करने की बात कही गई।
औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए। प्रदेश को ₹7000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 3000 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। इसके अलावा ₹1800 करोड़ की विभिन्न योजनाओं को स्वीकृति और निरंतरता प्रदान की गई। सिंचाई परियोजनाओं, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहायता योजना के ₹110 करोड़ के प्रावधान तथा भोपाल में आइशर सेंटर ड्रोन टेक्नोलॉजी परियोजना के लिए ₹85.50 करोड़ के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महिला हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन भोपाल में कराया जाएगा, जिसमें विभिन्न देशों के 200 से अधिक खिलाड़ी भाग लेंगे। वहीं मंदसौर में विधि विभाग के लिए नए पदों की स्वीकृति, समर्थन मूल्य पर बोनस भुगतान योजना की निरंतरता तथा कारोबार को आसान बनाने के लिए लाइसेंस के बार-बार नवीनीकरण की बाध्यता समाप्त करने जैसे फैसलों को भी मंजूरी दी गई।
मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि प्रदेश में 'जन विश्वास अभियान' की शुरुआत की जाएगी, जो प्रत्येक शुक्रवार को संचालित होगा। इस अभियान के तहत मंत्री, जनप्रतिनिधि और अधिकारी सीधे वार्ड और पंचायत स्तर तक पहुंचकर जनता से संवाद करेंगे। शुक्रवार को अधिकारी नियमित बैठकें नहीं करेंगे, बल्कि योजनाओं के क्रियान्वयन, समस्याओं के समाधान और जनसुनवाई पर फोकस रहेगा। मुख्यमंत्री भी समय-समय पर अभियान में शामिल होंगे और इसके परिणामों के आधार पर आगे आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी के माध्यम से शासन को जनता के और अधिक करीब लाना है।




