मंदसौर, ललित शंकर धाकड़। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में एक अनोखा लेकिन जागरूकता भरा मामला सामने आया है। सीतामऊ तहसील के ग्राम लदुना में 15 वर्षीय किशोर को कोबरा सांप ने डस लिया। परिजनों और सर्पमित्र ने सूझबूझ का परिचय देते हुए न केवल घायल किशोर को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, बल्कि जिस कोबरा ने उसे काटा था, उसे भी सुरक्षित डिब्बे में बंद कर जिला अस्पताल ले गए। इसका उद्देश्य चिकित्सकों को सांप की सही प्रजाति की जानकारी उपलब्ध कराना था, ताकि उपचार में किसी प्रकार की देरी या भ्रम की स्थिति न बने।
जानकारी के अनुसार, ग्राम लदुना निवासी प्रदीप सेन (15), पिता भेरूलाल सेन, रामेश्वर राठौड़ की चाय की दुकान पर काम करता है। सोमवार को वह भट्टी जलाने के लिए लकड़ियों का गट्टा उठाने गया था। इसी दौरान वहां छिपे जहरीले कोबरा ने उसके हाथ पर डस लिया। घटना के तुरंत बाद होटल संचालक रामेश्वर राठौड़ प्रदीप को लेकर तेजा बावजी मंदिर पहुंचे और साथ ही सर्पमित्र रवि पाटीदार को सूचना दी।
मौके पर पहुंचे सर्पमित्र रवि पाटीदार ने सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया, जिसकी पहचान कोबरा प्रजाति के रूप में हुई। उन्होंने परिजनों को झाड़-फूंक या अन्य पारंपरिक उपायों में समय गंवाने के बजाय तुरंत अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इसके बाद प्रदीप को सीतामऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के साथ एंटी-वेनम इंजेक्शन लगाए गए। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल मंदसौर रेफर कर दिया।
इस दौरान सर्पमित्र कोबरा को भी सुरक्षित डिब्बे में बंद कर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जिससे डॉक्टरों को सांप की प्रजाति की पुष्टि करने में आसानी हुई और उसी के अनुरूप उपचार शुरू किया गया। फिलहाल किशोर का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। यह मामला समय पर चिकित्सा सहायता लेने और सर्पदंश की स्थिति में वैज्ञानिक एवं जागरूक व्यवहार अपनाने का महत्वपूर्ण संदेश भी देता है।




