छतरपुर। कलेक्टर पार्थ जैसवाल की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभाकक्ष में सोमवार को समय-सीमा (टी.एल.) प्रकरणों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, एडीएम विनय द्विवेदी, सभी एसडीएम, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ तथा जिलाधिकारी उपस्थित रहे। टी.एल. प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने समय-सीमा में काम न करने और शासकीय योजनाओं में लापरवाही बरतने पर कई विभागाध्यक्षों और अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ नोटिस, वेतन कटौती और अनुशासनात्मक कार्रवाई के कड़े निर्देश दिए।

लापरवाह अफसरों पर गिरी गाज: सैलरी काटी, कारण बताओ नोटिस जारी

बैठक में कई विभागों के प्रमुखों की कार्यप्रणाली पर कलेक्टर ने कड़ा एतराज जताया:

  • 3 तहसीलदारों पर कार्रवाई: राष्ट्रीय पशुधन मिशन उद्यमिता विकास कार्यक्रम के तहत पहली किश्त पाने वाले दोषी आवेदकों से वसूली न करने पर छतरपुर, राजनगर और महाराजपुर तहसीलदार पर कार्रवाई प्रस्तावित करने के निर्देश दिए गए।
  • शिक्षणाधिकारी व अन्य को शोकॉज: टी.एल. प्रकरणों की अद्यतन जानकारी न होने पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), जनपद सीईओ गौरिहार और सीएमओ खजुराहो को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
  • एसडीओ पीडब्ल्यूडी (ब्रिज): बैठक व कार्यों में लापरवाही पर 1 दिन का अवैतनिक (वेतन कटौती) करने का आदेश दिया गया।
  • डीपीसी को नोटिस: अपार आईडी (APAAR ID) निर्माण में न्यूनतम प्रगति पर जिला परियोजना समन्वयक (DPC) को कारण बताओ नोटिस थमाया गया।


पीएम आवास योजना में लापरवाही पर 4 सीएमओ का कटा वेतन

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी 2.0) के तहत निर्माण कार्य अधूरे पाए जाने पर कलेक्टर ने सीएमओ हरपालपुर, महाराजपुर, घुवारा और गढ़ीमलहरा का 1 दिन का वेतन काटने का कड़ा हुक्म दिया। इसके साथ ही पीएम आवास (ग्रामीण) में सभी जनपद सीईओ को निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्ट्रीट वेंडर योजना के तहत बैंकों से अधिक से अधिक प्रकरण स्वीकृत कराने और नगर पालिका क्षेत्रों में व्यापक पौधरोपण कराने के भी निर्देश दिए।


उद्यानिकी अधिकारी का वेतन रोका, डीडीए कृषि को मिला शोकॉज

मशरूम व स्ट्रॉबेरी प्रोजेक्ट में बतौर एजेंसी काम न कराने और पीएमएफएमई (PMFME) योजना में खराब प्रगति पर कलेक्टर ने उद्यानिकी अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए आगामी आदेश तक वेतन रोकने के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सुधार न होने पर एजेंसी बदली जाए। वहीं, बीजों के नमूने लेने में लापरवाही और फसल बीमा में कम प्रगति पर उप संचालक कृषि (DDA) को शोकॉज नोटिस जारी किया गया।


संबल व अनुग्रह सहायता में देरी पर बकस्वाहा व राजनगर सीईओ को नोटिस

संबल योजना में पंजीयन की रफ्तार बढ़ाने के लिए जनपद सीईओ को विशेष कैंप लगाने के निर्देश दिए गए। अनुग्रह सहायता के लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए बकस्वाहा व राजनगर जनपद सीईओ को शोकॉज जारी किया गया। कलेक्टर ने सभी एसडीएम को संबल व अनुग्रह सहायता के लंबित आवेदनों का पात्रता के आधार पर सकारात्मक निराकरण करने और पशुपालन विभाग को मवेशियों का शत-प्रतिशत टीकाकरण कराने के निर्देश दिए।


NHAI को 15 दिन की मोहलत, वरना होगी 'पब्लिक न्यूसेंस' की एफआईआर

  • जर्जर भवन होंगे डिस्मेंटल: जिले में जर्जर शासकीय भवनों का पीडब्ल्यूडी से परीक्षण कराकर उन्हें तत्काल डिस्मेंटल कराने के निर्देश दिए गए।
  • एनएचएआई पर सख्ती: एनएचएआई (NHAI) द्वारा खराब की गई सड़कों की 15 दिनों के भीतर मरम्मत कराने का अल्टीमेटम दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि यदि समय पर सड़क ठीक नहीं हुई तो एसडीएम संबंधित अधिकारी के खिलाफ 'पब्लिक न्यूसेंस' के तहत वैधानिक कार्रवाई करें।


स्वास्थ्य केंद्रों के औचक निरीक्षण व कोचिंग-लाइब्रेरी पर कार्रवाई के निर्देश

कलेक्टर ने सभी एसडीएम को रात के समय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण करने तथा इमारतों के बेसमेंट में अवैध व नियम विरुद्ध संचालित कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, जिन ग्राम पंचायतों में कर-वसूली 1 प्रतिशत से भी कम है, वहां जिला पंचायत सीईओ को 15वें और 5वें वित्त आयोग की राशि के आहरण (विड्रॉल) पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।