सतना, अंबिका केशरी। सतना एवं मैहर क्षेत्र में कार्यरत विलेज सोशल एनिमेटर्स (VSA) ने नवीन भर्ती प्रक्रिया के विरोध और अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपकर नई भर्ती प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने, पहले से कार्यरत VSA को पर्याप्त कार्य उपलब्ध कराने तथा पिछले दो वर्षों से लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि मौजूदा कार्यकर्ताओं की समस्याओं का समाधान किए बिना नई भर्ती शुरू करना अनुचित और अन्यायपूर्ण है।


कार्यकर्ताओं ने बताया कि सामाजिक अंकेक्षण संपरीक्षा समिति, भोपाल द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 में लिखित परीक्षा, वाइवा, दस्तावेज सत्यापन एवं मेरिट सूची के आधार पर उनका चयन किया गया था। चयन के बाद महात्मा गांधी राज्य ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज संस्थान, अधारताल (जबलपुर) में पांच दिवसीय प्रशिक्षण देकर उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में कार्य आवंटित किया गया। हर वर्ष कार्य प्रारंभ होने से पहले उनसे स्टाम्प पेपर पर शपथ-पत्र भी लिया जाता है कि वे किसी अन्य संस्था या विभाग में कार्य नहीं करेंगे और कोई अन्य रोजगार स्वीकार नहीं करेंगे।


VSA कार्यकर्ताओं का कहना है कि निर्धारित शर्तों का पूरी निष्ठा से पालन करने के बावजूद उन्हें वर्षभर में केवल दो से तीन माह ही कार्य मिलता है। वहीं पिछले दो वर्षों से अधिक समय का मानदेय भी लंबित है, जिससे उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। उनका कहना है कि नियमित आय नहीं होने के कारण आजीविका चलाना मुश्किल हो गया है।


कार्यकर्ताओं ने हाल ही में सामाजिक अंकेक्षण जिला समन्वयक बद्री प्रसाद दाहिया द्वारा 28 जुलाई को जारी नवीन VSA भर्ती एवं प्रशिक्षण संबंधी सूचना पर भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि जब पहले से प्रशिक्षित और चयनित कार्यकर्ता उपलब्ध हैं तथा उन्हें ही पर्याप्त कार्य और मानदेय नहीं मिल रहा है, तब नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करना तर्कसंगत नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पहले वर्तमान VSA कार्यकर्ताओं की लंबित समस्याओं का समाधान किया जाए, उसके बाद ही किसी नई भर्ती प्रक्रिया पर विचार किया जाए।