बसंत पंचमी महिला छात्रों के लिए विशेष फलदायी

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बसंत पंचमी का पर्व इस वर्ष महिला छात्रों के लिए विशेष शुभ फल देने वाला माना जा रहा है। इस दिन मां सरस्वती की विशेष आराधना की जाती है, जिन्हें विद्या, बुद्धि और ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विधि विधान से किया गया पूजन शिक्षा के क्षेत्र में सफलता का मार्ग प्रशस्त करता है।
कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर ज्योतिष विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर कुणाल कुमार झा के अनुसार, इस वर्ष वसंत पंचमी शुक्रवार को मनाई जाएगी। माघ शुक्ल पंचमी तिथि शुक्रवार 23 जनवरी 2026 को सरस्वती पूजा का विशेष संयोग बन रहा है। शास्त्रों में माना गया है कि वसंत पंचमी के दिन ही मां सरस्वती का अवतार हुआ था।
डॉ. झा बताते हैं कि शुक्रवार का दिन स्त्री कारक ग्रह शुक्र से जुड़ा हुआ है। शुक्र को शक्ति और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में शुक्रवार को भगवती स्वरूप मां सरस्वती की पूजा करना विशेष रूप से शुभ माना गया है। यह संयोग महिला छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष सरस्वती पूजा खर्चो उपचार विधि से करना विशेष फलदायी रहेगा। खासकर छात्राएं यदि इस विधि से मां सरस्वती की पूजा करती हैं और गन्ने के रस से देवी का अभिषेक करती हैं, तो उन्हें विशेष आशीर्वाद प्राप्त होगा। इससे न केवल स्मरण शक्ति बढ़ेगी, बल्कि शिक्षा और विद्या के क्षेत्र में पूर्ण सफलता मिलने के योग बनेंगे।
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, वसंत पंचमी पर श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई आराधना छात्राओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाती है और भविष्य को उज्ज्वल बनाने में सहायक सिद्ध होती है।
