उमरिया, तपस गुप्ता। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की प्रसिद्ध बाघिन डॉटी की अचानक मौत से वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों में गहरी मायूसी छा गई है। मानपुर बफर रेंज के मझखेता बीट में गश्त के दौरान बाघिन का शव मिला। डॉटी के लगभग 15 से 16 माह के दो शावक अब मां से अलग होकर जंगल में विचरण कर रहे हैं। वन विभाग दोनों शावकों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।

शव कैसे मिला?

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि 9 अक्टूबर को हाथियों की मदद से गश्त के दौरान दोपहर बाद मादा बाघ का शव दिखाई दिया। सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया गया और राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के निर्धारित एसओपी के अनुसार घटनास्थल को घेरकर सुरक्षित किया गया।

शाम को डॉग स्क्वाड की मदद से मृत बाघिन और आसपास के क्षेत्र की सघन जांच कराई गई। इस दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि सामने नहीं आई।

पोस्टमार्टम और जांच

10 अक्टूबर को सक्षम वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी और विकासखंड पशु चिकित्सा अधिकारी के दल ने वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम किया। पूरी प्रक्रिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई। जांच के लिए नमूने एकत्र कर विभिन्न प्रयोगशालाओं में भेजे जा रहे हैं। वन विभाग के अनुसार, प्रथम दृष्टया मौत का कारण प्राकृतिक पाया गया है।

शावकों की सुरक्षा पर फोकस

डॉटी की मौत के बाद उसके दोनों शावकों की सुरक्षा अब सबसे महत्वपूर्ण हो गई है। प्रबंधन उनके विचरण पर लगातार नजर रख रहा है, ताकि जरूरत पड़ने पर आवश्यक कदम उठाए जा सकें। बाघिन की मौत से बांधवगढ़ के वन्यजीव प्रेमियों में शोक का माहौल है।