गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा कि राज्य में चल रही बाल विवाह विरोधी कार्रवाई के तहत 524 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 441 मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार इस अवैध प्रथा में शामिल किसी को भी नहीं बख्शेगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, सरमा ने चल रही कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि ये आंकड़े मंगलवार शाम 5 बजे तक के हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम इस जघन्य अपराध में शामिल किसी को भी नहीं बख्शेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि असम बाल विवाह से मुक्त हो।
यह ताजा जानकारी राज्य सरकार द्वारा बाल विवाह पर अंकुश लगाने के लिए किए जा रहे नए प्रयासों के बीच आई है। सरकार पुलिस कार्रवाई और ऐसे विवाहों को सुविधाजनक बनाने या संपन्न कराने में कथित तौर पर शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है।
सरमा ने एक पोस्ट में यह भी बताया कि कार्रवाई कुछ लोगों की उम्मीद से पहले ही शुरू हो गई है। इस अटकल का जिक्र करते हुए कि अभियान का अगला चरण नवंबर में शुरू होगा, उन्होंने संकेत दिया कि कार्रवाई पहले से ही जारी है।
असम सरकार लगातार यह कहती रही है कि बाल विवाह नाबालिगों, विशेषकर लड़कियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और समग्र कल्याण के लिए गंभीर खतरा है।
यह प्रथा कम उम्र की लड़कियों को अल्प गर्भावस्था, स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं और शिक्षा में बाधा का शिकार बना सकती है।
हालिया गिरफ्तारियां और दर्ज मामले राज्य में इस प्रथा के खिलाफ जारी प्रयासों का संकेत देते हैं। हालांकि, सरकार ने सोशल मीडिया पर अभी तक नवीनतम आंकड़ों का जिलावार विस्तृत विवरण नहीं दिया है।
यह कार्रवाई असम सरकार के बाल विवाह विरोधी अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें पुलिस ने विवाह की न्यूनतम कानूनी उम्र और संबंधित अपराधों से जुड़े कानूनों का उल्लंघन करने के आरोपी व्यक्तियों को निशाना बनाया है।
सरकार ने राज्य में बाल विवाह को समाप्त करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, और सरमा ने इस बात पर जोर दिया है कि इसमें शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
उम्मीद है कि ये नवीनतम आंकड़े इस मुद्दे को सुर्खियों में बनाए रखेंगे, क्योंकि राज्य नाबालिग विवाहों को रोकने और मौजूदा कानूनी सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के प्रयासों को तेज कर रहा है।













