मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता अवधेश शुक्ला ने चुनाव आयोग पर पक्षपात करने और भाजपा पर चुनावों में धांधली करने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि जब तक वह पद से नहीं हटते, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा। शुक्ला ने इसे लोकतंत्र को बचाने की आखिरी लड़ाई बताते हुए आरोप लगाया कि यदि ज्ञानेश कुमार अपने पद पर बने रहते हैं, तो भाजपा चुनावों में इसी तरह धांधली करती रहेगी।अवधेश शुक्ला ने कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन पूरी तरह जायज है और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक इसे रोका नहीं जाएगा। उन्होंने दावा किया कि एक नवंबर को दिल्ली में दस लाख से अधिक लोग एकत्र होंगे और मुख्य चुनाव आयुक्त को इस्तीफा देना पड़ेगा।
भाजपा की ओर से किए जा रहे आंदोलन पर सवाल उठाते हुए अवधेश शुक्ला ने कहा कि सत्तारूढ़ दल के पास जनता से जुड़े मुद्दों की कमी है। जब विपक्ष सरकार के खिलाफ आंदोलन करने निकलता है तो उसे रोकने के लिए प्रशासन का इस्तेमाल किया जाता है। प्रदर्शनकारियों को रोका जा रहा है, ट्रेनें रोकी जा रही हैं और बल प्रयोग किया जा रहा है, जबकि भाजपा खुद पदयात्रा कर रही है। अवधेश शुक्ला ने सवाल उठाया कि विपक्ष को आंदोलन करने से रोकना किस तरह उचित है। उन्होंने कहा कि भाजपा का यह कदम चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार को बचाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी पर अवधेश शुक्ला ने कहा कि राजनीति में भाषा की मर्यादा भाजपा ने पहले ही खो दी है। भाजपा के बड़े नेताओं ने राहुल गांधी, इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ कई तरह की टिप्पणियां की हैं। विपक्षी नेता अब समझ चुके हैं कि भाजपा को उसी की भाषा में जवाब देना होगा। यदि विपक्ष भाजपा की भाषा में जवाब नहीं देगा तो जनता से उसका जुड़ाव प्रभावित हो सकता है।
मानहानि मामले में राहुल गांधी के बरी होने पर शिवसेना (यूबीटी) प्रवक्ता ने कहा कि उनके खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए हैं और वह लगातार उनमें बरी हो रहे हैं। भाजपा विपक्षी नेताओं को परेशान करने के लिए झूठे मुकदमे दर्ज करा रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी या विपक्ष के किसी अन्य नेता के खिलाफ दर्ज मामलों से विपक्ष डरने वाला नहीं है।
अवधेश शुक्ला ने स्थानीय चुनावों और उपचुनावों में भी धांधली होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर मतदान के दौरान सीसीटीवी बंद होने की बात सामने आई है। ऐसी घटनाएं चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने दोहराया कि ज्ञानेश कुमार का पद पर बने रहना उचित नहीं है और उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। शुक्ला ने यह भी दावा किया कि आने वाले समय में भाजपा सरकार गिर सकती है।













