छतरपुर, संजय अवस्थी। जिला मुख्यालय के अटल सभागार में शनिवार को आशा पर्यवेक्षक एवं आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों और वेतन वृद्धि को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। भारतीय मजदूर संघ जिला इकाई छतरपुर के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में जुटी महिला कर्मचारियों ने पहले धरना प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद की और उसके बाद एकजुट होकर शहर की सड़कों पर एक विशाल रैली निकाली। गगनभेदी नारों के साथ निकाली गई यह रैली विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग है कि उनका मानदेय बढ़ाया जाए, नियमित कर्मचारियों की भांति उन्हें भी समस्त लाभ दिए जाएं तथा विभाग में काम करने के दौरान उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाए।
सौंपे गए ज्ञापन में भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बुंदेला और जिला मंत्री डॉ. राजेंद्र सिंह ने प्रमुख मांगों को रेखांकित करते हुए बताया कि आशा एवं आशा शहरी कार्यकर्ताओं को देय 6,253 रुपये तथा आशा पर्यवेक्षकों को मिलने वाली 15,633 रुपये की प्रोत्साहन राशि में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक दर के अनुसार आज दिनांक तक वार्षिक वृद्धि का लाभ नहीं दिया गया है। संगठन ने मांग की है कि इस विसंगति को दूर कर 1,000 रुपये प्रति वर्ष की दर से बढ़ाते हुए सितंबर 2023 से इसके संपूर्ण एरियर का भुगतान तत्काल सुनिश्चित कराया जाए। इसके अलावा, पूर्व में शासकीय कार्य हेतु प्रदान किए गए मोबाइल फोन के हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर खराब हो जाने या वर्तमान 5जी नेटवर्क पर काम न करने की वजह से सभी आशा कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों को जल्द से जल्द नए 5जी स्मार्टफोन उपलब्ध कराए जाएं। कार्यकर्ताओं ने यह मांग भी पुरजोर तरीके से उठाई कि उनकी प्रोत्साहन व अन्य राशि का मानदेय के रूप में प्रत्येक माह की 5 तारीख तक अनिवार्य रूप से भुगतान किया जाए।
इसके साथ ही, ड्यूटी के दौरान 10 से 15 गांवों का व्यापक भ्रमण करने वाली आशा पर्यवेक्षकों के लिए 3,000 रुपये प्रति माह का परिवहन खर्च (कन्वेन्शन अलाउंस) देना तय किया जाए, ताकि वे सुचारू रूप से कार्य कर सकें। प्रदर्शन के दौरान प्रमुख रूप से पप्पी राजा बुंदेला, छाया तिवारी, पुष्पा पटेल, सुनीता तिवारी, साधना राजपूत, शीला अहिरवार, अर्चना पाठक, शशिप्रभा यादव, गायत्री पाठक, वंदना खरे, अनीता रैकवार, सविता यादव, पूजा अवस्थी और गीता अहिरवार सहित जिले भर की समस्त आशा कार्यकर्ता एवं पर्यवेक्षक उपस्थित रहीं। संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी इन आवश्यक व जायज मांगों पर शीघ्र ही सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उचित निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन भविष्य में उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा।




