छतरपुर। दीपावली और धनतेरस के पावन पर्व से पूर्व ऑटोमोबाइल बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में अभूतपूर्व तेजी देखी जा रही है। त्यौहारी सीजन में संभावित भारी डिलीवरी और ग्राहकों की अग्रिम बुकिंग को पूरा करने के लिए निर्माण इकाइयों और स्थानीय असेंबलिंग वर्कशॉप्स में दिन-रात काम चल रहा है। पेट्रोल के बढ़ते दामों से राहत पाने, कम लागत और सरकार के हरित ऊर्जा अभियानों के चलते इस बार आम नागरिकों का रुझान परंपरागत पेट्रोल गाड़ियों की तुलना में किफायती ई-स्कूटर और ई-बाइक्स की ओर तेजी से बढ़ा है। कारोबारियों के अनुसार, बाजार में आई इस अप्रत्याशित मांग ने पिछले आठ वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
ईवी कारोबार से जुड़े छतरपुर के शोरूम संचालक मोहम्मद वज़ीर ने बताया कि इस बार धनतेरस पर ई-व्हीकल बाजार के तेजी से बूम करने की मुख्य वजह इसकी न्यूनतम संचालन लागत है। घरेलू बिजली के महज एक यूनिट के खर्च यानी करीब 10 रुपये में यह गाड़ी पूरी तरह चार्ज हो जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा पर्यावरण संरक्षण और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लगातार आह्वान का भी जनता पर गहरा प्रभाव पड़ा है। जहां पेट्रोल गाड़ियों का मासिक खर्च बजट बिगाड़ रहा है, वहीं ई-व्हीकल मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सबसे किफायती और व्यवहारिक विकल्प बनकर उभरा है।
गाड़ियों की खूबियों और बजट के बारे में जानकारी देते हुए मोहम्मद वज़ीर ने बताया कि यह गाड़ियां 35,000 रुपये से लेकर 60,000 रुपये के किफायती बजट में उपलब्ध हैं, जो एक बार चार्ज होने पर 50 से 60 किलोमीटर का शानदार सफर तय करती हैं। यह गाड़ियां नॉन-आरटीओ श्रेणी में आती हैं। इसके लिए किसी जटिल रजिस्ट्रेशन की औपचारिकता नहीं होती। सीमित और नियंत्रित गति के कारण यह स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए दैनिक आवागमन, बाजार जाने और घरेलू कार्यों के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं।
संचालक का कहना है कि सरकार के साथ-साथ उनका भी यही विजन है कि हर घर ईवी का सपना साकार हो। पिछले आठ वर्षों से इस क्षेत्र में कार्यरत विशेषज्ञों का कहना है कि पूर्व में जहां पार्ट्स और स्पेयर को लेकर काफी दिक्कतें आती थीं, वहीं अब पूरे देश में इसका मजबूत इकोसिस्टम तैयार हो चुका है। अब विभिन्न कंपनियां पार्ट्स उपलब्ध करा रही हैं, जिन्हें स्थानीय स्तर पर ही सुरक्षित मानकों के साथ असेंबल किया जा रहा है। बाजार में मैकेनिकों की उपलब्धता और स्पेयर पार्ट्स की सुलभता के कारण उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ा है। इसके साथ ही नए-नए शोरूम खुलने से स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी और सेल्स के क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के बड़े अवसर भी खुले हैं।















