नौगांव ,कमल यादव। स्थित प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, शासकीय बापू डिग्री कॉलेज का मुख्य प्रवेश द्वार इन दिनों अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण बनता जा रहा है। लाखों रुपये की लागत से निर्मित यह मेन गेट सिर्फ शोपीस बनकर रह गया है, क्योंकि यह वर्षों से बंद पड़ा है और कभी खुलता ही नहीं।
गेट के लगातार बंद रहने का फायदा उठाकर स्थानीय लोगों ने उसके सामने अतिक्रमण कर लिया है। स्थिति यह है कि गेट के आसपास अस्थायी कब्जे और अव्यवस्थित निर्माण हो चुके हैं, जिससे न केवल कॉलेज की सुंदरता प्रभावित हो रही है, बल्कि छात्रों, विशेषकर छात्राओं की सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कॉलेज आने-जाने वाले विद्यार्थियों को अब वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है, जो कई बार असुरक्षित और असुविधाजनक साबित होते हैं। छात्राओं का कहना है कि मुख्य मार्ग बंद होने से उन्हें लंबा रास्ता तय करना पड़ता है, जिससे समय के साथ-साथ सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा हाल ही में पूरे नौगांव नगर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी, लेकिन आश्चर्य की बात है कि इतने महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान के सामने हो रहे अतिक्रमण पर किसी की नजर नहीं पड़ी। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि किसी आपात स्थिति में इस गेट का उपयोग करना पड़े, तो अतिक्रमण के कारण रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो सकता है, जिससे बड़ा हादसा भी हो सकता है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि यदि कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
स्थानीय लोगों और विद्यार्थियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाकर मेन गेट को नियमित रूप से खोला जाए, ताकि कॉलेज परिसर में आवागमन सुगम हो सके और सुरक्षा व्यवस्था भी बेहतर हो।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस गंभीर समस्या को कितनी जल्दी संज्ञान में लेकर कार्रवाई करता है और छात्रों को राहत मिल पाती है या नहीं।

