जबलपुर, अनुराग शुक्ला। जबलपुर के विजय नगर थाना क्षेत्र में एक अधिवक्ता पर हुए कथित प्राणघातक हमले और उनकी कार में की गई तोड़फोड़ ने शहर की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जीरो डिग्री चौराहे के पास हुई इस हिंसक घटना के बाद से ही अधिवक्ता समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बार एसोसिएशन जबलपुर ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।


विवाद के बाद कार में तोड़फोड़ और मारपीट

मिली जानकारी के अनुसार, विवाद जीरो डिग्री चौराहे के पास शोभा टाइल्स के संचालक राजा तिवारी और अधिवक्ता एकांश ढींगरा के बीच शुरू हुआ। आरोप है कि राजा तिवारी ने अधिवक्ता ढींगरा के साथ न केवल मारपीट की, बल्कि उन पर जानलेवा हमला करते हुए उनकी कार में भी जमकर तोड़फोड़ की। घटना के वक्त मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला। इस पूरे घटनाक्रम के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें वाहन में तोड़फोड़ के दृश्य साफ देखे जा सकते हैं।


बार एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन, दी आंदोलन की चेतावनी

घटना के विरोध में बुधवार दोपहर करीब 2 बजे बार एसोसिएशन जबलपुर के अध्यक्ष मनीष मिश्रा और सचिव ज्ञान त्रिपाठी के नेतृत्व में सैकड़ों अधिवक्ताओं ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय का घेराव किया। अधिवक्ताओं ने एसपी को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास (धारा 307) सहित अन्य गंभीर धाराओं में तत्काल मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाए।


अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने चिंता जताते हुए कहा कि शहर में वकीलों पर लगातार हमले बढ़ रहे हैं, जिससे उनके बीच असुरक्षा का माहौल है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो बार एसोसिएशन उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगा।


एडिशनल एसपी ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा

अधिवक्ताओं के बढ़ते रोष को देखते हुए एडिशनल एसपी जितेंद्र सिंह ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पुलिस वायरल वीडियो और सीसीटीवी फुटेज जैसे तमाम साक्ष्यों की गहनता से जांच कर रही है। एएसपी ने कहा कि जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।


फिलहाल, पुलिस घटना के हर पहलू की तफ्तीश में जुटी है। इस घटना ने पूरे शहर में चर्चा का बाजार गर्म कर दिया है, वहीं अधिवक्ता समाज अब भी अपनी सुरक्षा और जल्द न्याय की मांग पर अड़ा हुआ है।