छतरपुर, सुबोध त्रिपाठी। छतरपुर जिले के स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से चल रहे डॉक्टरों के अटैचमेंट (संलग्नीकरण) पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य आयुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, भोपाल तथा क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं, सागर संभाग के निर्देशों के परिपालन में जिले के डॉक्टरों और विशेषज्ञों के संलग्नीकरण को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।
सीएमएचओ कार्यालय द्वारा जारी आदेश के तहत पूर्व में जारी सभी संलग्नीकरण आदेशों को निरस्त करते हुए संबंधित चिकित्सा अधिकारियों व विशेषज्ञों को उनके मूल पदस्थापना स्थल पर तत्काल प्रभाव से पदस्थ कर तीन दिनों के भीतर कार्य उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मूल पदस्थापना स्थल पर भेजे गए डॉक्टरों की सूची:
- डॉ. मोहम्मद तौसीफ (सर्जिकल विशेषज्ञ): जिला अस्पताल (दो दिवस) से मूल पदस्थापना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मातागुवां (ईशानगर)।
- डॉ. आशीष शुक्ला (सर्जिकल विशेषज्ञ): जिला अस्पताल (दो दिवस) से मूल पदस्थापना सिविल अस्पताल नौगांव।
- डॉ. अमित निशीथ प्रकाश अग्रवाल (मेडिसिन विशेषज्ञ): जिला अस्पताल (दो दिवस) से मूल पदस्थापना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महाराजपुर (नौगांव)।
- डॉ. सुकृति जैन (निश्चेतना विशेषज्ञ): जिला अस्पताल (दो दिवस) से मूल पदस्थापना सिविल अस्पताल नौगांव।
- डॉ. सना सिद्दीकी (सर्जिकल विशेषज्ञ): जिला अस्पताल (दो दिवस) से मूल पदस्थापना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ईशानगर।
- डॉ. रुचि शर्मा (चिकित्सा अधिकारी): जिला अस्पताल (दो दिवस) से मूल पदस्थापना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खजुराहो (राजनगर)।
- डॉ. महेन्द्र कोरी (चिकित्सा अधिकारी): जिला अस्पताल (दो दिवस) से मूल पदस्थापना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ईशानगर।
- डॉ. नरेन्द्र मिश्रा (चिकित्सा अधिकारी, पीजीएमओ): जिला अस्पताल छतरपुर से मूल पदस्थापना सिविल अस्पताल नौगांव।
- डॉ. आनंद चौरसिया (चिकित्सा अधिकारी): जिला टीकाकरण अधिकारी प्रभार से मूल पदस्थापना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गढ़ीमलहरा (नौगांव)।
- डॉ. जीतेन्द्र अहिरवार (चिकित्सा अधिकारी): प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बारीगढ़ से मूल पदस्थापना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरिहार।
इस आदेश के अमल में आने से ग्रामीण व कस्बाई क्षेत्रों के सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टरों की उपस्थिति बढ़ेगी, जिससे स्थानीय मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।
आदेश:
















