सतना,अंबिका केशरी। जिले के नजीराबाद क्षेत्र में एक महिला द्वारा पति और ससुराल पक्ष की प्रताड़ना से तंग आकर अपने दो मासूम बच्चों के साथ जिला अस्पताल के मुख्य गेट पर धरने पर बैठने का मामला सामने आया है। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों का ध्यान खींचा है, बल्कि पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़िता शहनाज बानो ने आरोप लगाया है कि उसके पति मो. नसीम और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्य लंबे समय से उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। उसके अनुसार, आए दिन उसके साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकियां दी जाती हैं। महिला का कहना है कि वह कई महीनों से इस उत्पीड़न को झेल रही है और लगातार न्याय की गुहार लगा रही है।
शहनाज बानो ने बताया कि उसने कई बार कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन हर बार उसे सिर्फ आश्वासन ही मिला और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस की इस उदासीनता से निराश होकर उसने आखिरकार अपने दोनों बच्चों—7 वर्षीय बेटी शिफा और 5 वर्षीय बेटे जूनेद—को साथ लेकर अस्पताल गेट पर धरना देने का निर्णय लिया।
धरने पर बैठी महिला ने स्पष्ट कहा है कि जब तक उसे न्याय नहीं मिलेगा और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाएगी, वह अपने घर वापस नहीं जाएगी। उसने प्रशासन से मांग की है कि उसके पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उसे तथा उसके बच्चों को सुरक्षा प्रदान की जाए।
इस घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय नागरिकों ने महिला के प्रति सहानुभूति जताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं, छोटे बच्चों की मौजूदगी को देखते हुए लोगों ने उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की है।
यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है। फिलहाल सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है कि पीड़िता को कब तक न्याय मिल पाता है।


