सना। यमन के हूती गुट ने सोमवार को दावा किया कि सऊदी गठबंधन ने होदेइदाह प्रांत में लाल सागर का एक अहम बंदरगाह और ऑयल फैसिलिटी (तेल भंडारण केंद्र) को निशाना बनाया जिसमें सात लोग घायल हो गए।

दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक यमन में गृहयुद्ध फिर से भड़कने के बाद, ईरान समर्थित यह समूह सऊदी नेतृत्व वाले उस गठबंधन से लड़ रहा है, जो यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता है।

हूती स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता अनीस अल-अस्बाही ने 'एक्स' पोस्ट के जरिए इन हमलों की जानकारी दी। बताया कि रविवार को रास इस्सा बंदरगाह पर सऊदी गठबंधन के हमलों में चार आम नागरिक घायल हुए, जबकि बाजील जिले में एक तेल सुविधा केंद्र पर हुए हमले में तीन अन्य लोग घायल हो गए।

पोस्ट में लिखा- "सऊदी के आक्रामक विमानों द्वारा अल-होदेइदाह प्रांत के रास इस्सा पोर्ट पर किए गए हवाई हमले में चार नागरिक घायल हो गए। इसके अलावा, अल-होदेइदाह के ही बाजिल में ऑयल कंपनी स्टेशन को निशाना बनाकर एयरस्ट्राइक की गई। इस हमले में तीन और नागरिक घायल हो गए।"

उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। आगे कहा, "तेल भंडारण केंद्रों और महत्वपूर्ण बंदरगाहों पर हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन हैं। ये यमन में उन युद्ध अपराधों की श्रृंखला को और बढ़ाते हैं, जिनमें नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाता है।"

इससे पहले सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने स्थानीय मीडिया के हवाले से ताबड़तोड़ हमलों की जानकारी दी थी। हूती-संचालित अल-मसीराह टीवी ने रविवार शाम (स्थानीय समयानुसार) रास इस्सा बंदरगाह पर हुए हमलों के लिए "सऊदी" को जिम्मेदार ठहराया था।

वहीं, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरिया ने भी रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी कर कहा कि पिछले 24 घंटों में सादा, ताइज, अमरान, इब्‍ब, धमार, लाहज, होदेइदाह, और अल-जौफ प्रांतों में 75 हवाई और मिसाइल हमले हुए हैं।

उन्होंने दावा किया कि इन हमलों में आम नागरिक हताहत हुए। साथ ही, उन्होंने बताया कि हालिया तनाव शुरू होने के बाद से अब तक कुल 3,830 हवाई और मिसाइल हमले हो चुके हैं।