इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के सांवेर में बुधवार शाम पुराने मकान को ढाते समय एक दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाली चार मजदूर महिलाओं को गुरुवार को अंतिम विदाई दी गई। सांवेर के छत्रीबाग श्मशान घाट पर जब एक ही छत के नीचे चार चिताएं एक साथ सजीं, तो यह हृदयविदारक दृश्य देखकर पूरा रविदास मोहल्ला और वहां मौजूद हर व्यक्ति रो पड़ा। हादसे के बाद से ही क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है और कई घरों में चूल्हे तक नहीं जले।


एक ही परिवार और समाज से जुड़ी थीं चारों मृतकाएं

हादसे में जान गंवाने वाली चारों महिलाएं आपस में रिश्तेदार और एक ही समाज से संबद्ध थीं: हादसे में रविदास मोहल्ला (वार्ड-15) निवासी सुशीलाबाई (50), सीमा (35), रीना (30) और चंदाबाई (25) की मौत हुई थी। रीना और चंदाबाई सगी जेठानी-देवरानी थीं। रीना के पति का दो वर्ष पूर्व ही निधन हो चुका था। हादसे में दोनों की काकी सास सीमा की भी जान चली गई, जबकि 50 वर्षीय सुशीलाबाई भी परिवार से रिश्तेदारी में जुड़ी हुई थीं।


7 साल के मासूम ने दी मां को मुखाग्नि

अंतिम संस्कार के दौरान सबसे मार्मिक क्षण तब आया जब 25 वर्षीय मृतका चंदाबाई के सात वर्षीय मासूम बेटे को मां की चिता को मुखाग्नि देने के लिए आगे लाया गया। छोटी सी उम्र में मां को अंतिम विदाई देते मासूम को देखकर श्मशान घाट में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।


मकान मालिक और ठेकेदार पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज

घटना पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है: बीएनएस (BNS) की धारा 105 में केस: मृतका सुशीलाबाई के भतीजे लीलाधर जाटवा की रिपोर्ट पर पुलिस ने मकान मालिक विरेंद्र जैन (निवासी न्यू पलासिया, इंदौर) और मकान ध्वस्त करने वाले ठेकेदार मोईनुद्दीन खत्री (निवासी खजराना, इंदौर) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।