छिंदवाड़ा, जीशान अंसारी। प्रदेश में दूषित पानी को लेकर बढ़ती शिकायतों के बीच अब छिंदवाड़ा शहर के वार्ड नंबर 30 राज टॉकीज क्षेत्र से भी चिंताजनक मामला सामने आया है। यहां पिछले कई महीनों से गटर जैसी बदबू वाला गंदा पानी सप्लाई होने से क्षेत्रवासियों में दहशत का माहौल बना हुआ है। लोगों का आरोप है कि दूषित पानी के कारण इलाके में गले का इन्फेक्शन, पेट दर्द, दस्त और मलेरिया जैसी बीमारियों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।


गर्मी के इस मौसम में जहां लोगों को साफ और पर्याप्त पानी की जरूरत है, वहीं क्षेत्रवासी मजबूरी में बदबूदार और गंदा पानी उपयोग करने को विवश हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि रोजाना केवल 30 मिनट के लिए नल सप्लाई होती है, जिसमें शुरुआती 20 मिनट तक गंदा और बदबूदार पानी ही निकलता रहता है। इसके बाद जो पानी आता है, उसमें भी इतनी दुर्गंध होती है कि हाथ धोने के बाद तक बदबू नहीं जाती।


समस्या से परेशान लोगों का आक्रोश उस समय फूट पड़ा जब वार्ड नंबर 30 की पार्षद शोभी कुरैशी के नेतृत्व में क्षेत्रवासियों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने गंदे पानी से भरी बोतलें हाथ में लेकर नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और तत्काल साफ पानी उपलब्ध कराने की मांग उठाई।


पार्षद शोभी कुरैशी ने आरोप लगाया कि नगर निगम कमिश्नर और जल प्रदाय विभाग को कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन महीनों बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि दूषित पानी के कारण लोग लगातार बीमार पड़ रहे हैं और अब मजबूरी में महंगे दामों पर पानी की केन खरीदकर घर चलाना पड़ रहा है।


क्षेत्रवासियों का कहना है कि इंदौर में दूषित पानी को लेकर जिस तरह बड़ा मामला सामने आया था, अब वैसी ही स्थिति छिंदवाड़ा में भी बनती दिखाई दे रही है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द साफ पानी और नियमित सप्लाई की व्यवस्था नहीं की गई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर जनता की सेहत के साथ यह खिलवाड़ कब तक चलता रहेगा और जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे।