चेन्नई, 8 मई । विदुथलई चिरुथयगल काची (वीसीके) के अध्यक्ष थिरुमावलवन ने शुक्रवार को कहा कि तमिलनाडु में तेजी से बदल रहे राजनीतिक हालात पर पार्टी अपना आधिकारिक रुख वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद ही घोषित करेगी।चेन्नई में पत्रकारों से बातचीत करते हुए थिरुमावलवन ने कहा कि हालिया विधानसभा चुनावों में त्रिशंकु जनादेश आने के बाद राज्य में सरकार गठन को लेकर बनी अनिश्चितता पर चर्चा करने के लिए वीसीके की उच्चस्तरीय समिति शुक्रवार शाम 5 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक करेगी।

उन्होंने कहा कि बैठक के बाद लिए गए निर्णयों की जानकारी पार्टी औपचारिक रूप से मीडिया को देगी। उन्होंने कहा, “उच्च स्तरीय समिति की बैठक के बाद हम शनिवार सुबह प्रेस को संबोधित करेंगे और पार्टी का रुख स्पष्ट करेंगे।”

इस आलोचना को खारिज करते हुए कि वीसीके अपनी प्रतिक्रिया देने में देरी कर रही है, थिरुमावलवन ने कहा कि चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित हुए हैं और किसी भी लोकतांत्रिक दल को बड़े राजनीतिक फैसले लेने से पहले आंतरिक चर्चा के लिए समय चाहिए होता है। उन्होंने कहा, “हम देरी नहीं कर रहे हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में सामूहिक चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लेना सामान्य प्रक्रिया है।”

वीसीके प्रमुख ने कहा कि हालांकि पार्टी अध्यक्ष होने के नाते उनके पास स्वतंत्र रूप से निर्णय लेने का अधिकार है, लेकिन आधिकारिक रुख घोषित करने से पहले पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की राय और भावनाओं को समझना उनकी जिम्मेदारी है।

बैठक ऑनलाइन आयोजित किए जाने के कारण पर उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेता तमिलनाडु के विभिन्न जिलों में मौजूद हैं और तुरंत चेन्नई में एकत्र होना संभव नहीं था।

डीएमके और एआईएडीएमके के बीच सरकार गठन को लेकर संभावित समझौते की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए थिरुमावलवन ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर चर्चा से पहले व्यक्तिगत राय देना उचित नहीं होगा।

राजनीतिक घटनाक्रम के बीच क्या स्टालिन ने उनसे संपर्क किया था, इस सवाल पर वीसीके नेता ने कहा कि चुनाव परिणाम आने के बाद सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस के नेताओं की बैठक हो चुकी है और स्थिति पर चर्चा भी हुई है।

थिरुमावलवन के अनुसार, स्टालिन ने यह संदेश दिया है कि गठबंधन जनता के जनादेश का सम्मान करता है और विजय के नेतृत्व वाली टीवीके के सरकार बनाने में कोई बाधा नहीं डालेगा।

हालांकि, जब उनसे पूछा गया कि यदि टीवीके सरकार समर्थन मांगती है तो क्या वीसीके उसका समर्थन करेगी, तो उन्होंने सीधा जवाब देने से बचते हुए कहा कि इस विषय पर पहले पार्टी के भीतर चर्चा की जाएगी और उसके बाद ही आधिकारिक निर्णय घोषित किया जाएगा।