छतरपुर, विनोद मिश्रा। महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में ATKT नियम को लेकर छात्र-छात्राओं का भारी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। LLB एवं BA LLB के विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर मनमानी और प्राइवेट कॉलेजों के पक्ष में षड्यंत्र रचने का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया।
छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने ATKT के ऑनलाइन आवेदन की साइट जानबूझकर बंद कर दी है, जबकि नियमों के अनुसार उन्हें परीक्षा में बैठने का एक अतिरिक्त अवसर दिया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने इसे प्राइवेट कॉलेजों पर दबाव बनाने की साजिश बताया।
प्रदर्शन के दौरान यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लोकेन्द्र वर्मा और कांग्रेस नेत्री व पं. मोतीलाल नेहरू विधि कॉलेज की शिक्षिका कीर्ति विश्वकर्मा भी छात्रों के समर्थन में धरने पर बैठ गईं। छात्र ज्ञापन देने पहुंचे तो विश्वविद्यालय प्रशासन ने गेट बंद कर दिए, जिससे छात्रों का आक्रोश और बढ़ गया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान एक चर्चित घटना में चपरासी रमाशंकर गुप्ता बाथरूम में छिप गए। वहीं छात्रों और कुलसचिव यशवंत सिंह पटेल के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। स्थिति बिगड़ते देख सिविल लाइन थाना पुलिस को बुलाया गया। पुलिस की मौजूदगी में मामला कुछ हद तक नियंत्रित हुआ, लेकिन छात्र अपनी मांगों को लेकर धरने पर डटे रहे।
कांग्रेस नेत्री कीर्ति विश्वकर्मा ने कहा, “महंगाई के इस दौर में छात्र बड़ी मुश्किल से शिक्षा प्राप्त कर पा रहे हैं। ऐसे में ATKT वाले छात्रों को परीक्षा में बैठने का मौका अवश्य मिलना चाहिए। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन लिखित रूप में स्पष्ट निर्णय नहीं देता, तो छात्र-छात्राएं न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।”

