छतरपुर,संजय अवस्थी। छतरपुर जिले में इस वर्ष श्री राम जन्मोत्सव को लेकर खास तैयारियां देखने को मिल रही हैं। शहर के महल परिसर में इन दिनों बड़ी संख्या में बेटियां शस्त्र विद्या का प्रशिक्षण ले रही हैं। करीब दो हजार बालिकाएं और युवतियां पारंपरिक युद्धकला, लाठी, तलवार और आत्मरक्षा के विभिन्न गुर सीख रही हैं, जो आने वाली राम जन्मोत्सव की शोभायात्रा में अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगी।
इस प्रशिक्षण का आयोजन प्रताप नवयुवक संघ द्वारा किया जा रहा है। संघ के मार्गदर्शन में अनुभवी प्रशिक्षकों की टीम बेटियों को अनुशासन, संतुलन और आत्मविश्वास के साथ शस्त्र संचालन की बारीकियां सिखा रही है। रोजाना सैकड़ों की संख्या में बेटियां महल परिसर पहुंचकर अभ्यास कर रही हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में एक अलग ही ऊर्जा और उत्साह का माहौल बना हुआ है।
प्रशिक्षण के दौरान बेटियों को केवल शस्त्र चलाना ही नहीं, बल्कि आत्मरक्षा के महत्व और समाज में अपनी भूमिका के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य बेटियों को सशक्त बनाना और उनमें आत्मविश्वास बढ़ाना है, ताकि वे हर परिस्थिति में खुद की सुरक्षा कर सकें और समाज में मजबूती से अपनी भागीदारी निभा सकें।
प्रताप नवयुवक संघ के प्रदीप सेन ने बताया कि इस बार राम जन्मोत्सव की शोभायात्रा में बेटियों की विशेष भागीदारी रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान बेटियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। हर दिन उनकी संख्या बढ़ रही है और वे पूरी लगन के साथ अभ्यास कर रही हैं।
महल परिसर में चल रहे इस प्रशिक्षण को देखने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। स्थानीय नागरिक बेटियों के इस साहसिक प्रयास की सराहना कर रहे हैं और इसे समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश बता रहे हैं।
राम जन्मोत्सव के अवसर पर निकलने वाली शोभायात्रा में जब ये बेटियां अपने शौर्य और कौशल का प्रदर्शन करेंगी, तब यह दृश्य निश्चित ही आकर्षण का केंद्र होगा और महिला सशक्तिकरण का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी पेश करेगा।



