टीकमगढ़,मोहसिन ।महावीर जयंती के अवसर पर इस वर्ष टीकमगढ़ शहर में “जियो और जीने दो” का संदेश गूंजेगा। पर्व को लेकर भव्य शोभायात्रा और विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं।


परम पूज्य गणाचार्य श्री 108 विराग सागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य श्रमण मुनि श्री 108 विकौशल सागर जी महाराज द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए बताया गया कि भगवान महावीर के सिद्धांत—अनेकांतवाद, अहिंसा, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य—आज भी समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक और मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि विश्व में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए “जियो और जीने दो” के सिद्धांत को अपनाना समय की आवश्यकता है।


मुनि श्री ने यह भी बताया कि डॉक्टर भीमराव आंबेडकर ने भगवान महावीर स्वामी के सिद्धांतों का गहन अध्ययन किया था और करीब छह माह तक ग्रंथों का अध्ययन करने के बाद उन्हें अपने जीवन में आत्मसात किया। इसके पश्चात उन्होंने इन सिद्धांतों को भारतीय संविधान में भी स्थान दिया।


महावीर जयंती के अवसर पर टीकमगढ़ सहित पूरे देश में एकरूपता के साथ धार्मिक आयोजन किए जाएंगे। इस दौरान भगवान महावीर की प्रतिमा को सुसज्जित रथ में विराजमान कर नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। श्रद्धालु अपने-अपने घरों के सामने रंगोली सजाकर श्रीजी की आरती करेंगे। साथ ही मुनि श्री के प्रवचन, पाद प्रक्षालन एवं विभिन्न स्थानों पर स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।


शहर में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पेयजल और खाद्य सामग्री की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे शोभायात्रा में शामिल होने वाले लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। महावीर जयंती को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और उमंग का माहौल देखा जा रहा है।