बीजिंग, 8 मई । रिपोर्ट के अनुसार टोक्यो ट्रायल की शुरुआत की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में “सुदूर पूर्व के लिए सैन्य अदालत की प्रक्रिया संपूर्ण चीनी संस्करण” नामक पुस्तक का लोकार्पण चीन में किया गया।

इसके साथ टोक्यो ट्रायल में भाग लेने वाले अमेरिकी उप प्रोक्योरेटोरेट डेविड नेल्सन सटन की डायरी भी पहली बार सार्वजनिक की गई। इसके प्रति चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन च्येन ने शुक्रवार को हुई प्रेस वार्ता में संबंधित सवाल के जवाब में बताया कि इससे यह फिर साबित हुआ है कि अमेरिकी सैन्यवाद के असंख्य अपराधों के अकाट्य प्रमाण हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि 80 वर्ष बीत चुके हैं। लेकिन, जापान की दक्षिणपंथी शक्ति ने कभी भी इतिहास का गहरा आत्म निरीक्षण नहीं किया। वे आक्रमण के अपराधों की लीपापोती कर जापानी समाज में गलत ऐतिहासिक धारणा भरने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ जापानी राजनीतिज्ञ बार-बार यासुकुनी मंदिर का दर्शन करते हैं, जहां दूसरे विश्व युद्ध के ए श्रेणी वाले युद्ध अपराधियों की नाम पट्टिकाएं रखी हैं। इसका अर्थ है कि वे टोक्यो ट्रायल के फैसले को ठुकराकर युद्धोत्तर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को ललकार रहे हैं।

प्रवक्ता ने बल दिया कि इतिहास की हकीकत से इनकार नहीं किया जा सकता, न्याय की अंतिम रेखा को लांघने की इजाजत नहीं दी जा सकती और युद्धोत्तर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को चुनौती देने की अनुमति नहीं दी जा सकती। विश्व में सभी शांति प्रेमी आक्रमण मामले को पलटने की इजाजत कतई नहीं देंगे और जापान में कथित नई किस्म वाले सैन्यवाद की दुस्साहसपूर्ण कार्रवाई का डटकर विरोध करेंगे।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)