भोपाल, जीतेन्द्र यादव। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंगलवार को प्रेसवार्ता कर भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सुगम परिवहन सेवा, सीएम यूथ कॉन्क्लेव, खाली पड़े पदों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। पटवारी ने कहा कि जिस दिन से सुगम परिवहन सेवा शुरू हुई, उसी दिन से बसों की असलियत सामने आ गई है।
इंदौर से उज्जैन जाते समय एक बस चलते-चलते जल गई। पटवारी ने इसे ‘खटहरा बस परियोजना’ करार दिया और कहा कि सरकार की यह योजना भी फेल साबित हो रही है।
सीएम यूथ कॉन्क्लेव पर तंज: बेटियों के बाल खींचकर बाहर फेंका
पटवारी ने सीएम यूथ कॉन्क्लेव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह महज राहुल गांधी की नकल है। “नकल के लिए अक्ल भी चाहिए। अब यूथ कॉन्क्लेव कर रहे हैं। मैं जाता तो कहते कि विरोध करने आ गया। मुझे भी नौटियाल को सुनना था,” उन्होंने कहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कॉन्क्लेव में बेटियों के बाल खींचकर उन्हें बाहर फेंक दिया गया। यह खटहरा युवा नीति का नतीजा है। पुलिस और छात्रों के बीच झड़प पर पटवारी ने मांग की कि बेटी के बाल खींचने वाले पुलिस अधिकारी को तुरंत सस्पेंड किया जाए। उन्होंने कहा कि कामकाजी बेटियों के लिए जीरो हॉस्टल बन रहे हैं, लेकिन वास्तविक समस्याएं अनसुलझी हैं।
5 लाख पद खाली, फिर भी सिर्फ भाषण
पटवारी ने कहा कि प्रदेश में करीब 5 लाख पद खाली पड़े हैं। पीएससी में नियुक्तियां नहीं हो रही हैं। जिन कॉलेजों के बच्चों को कॉन्क्लेव में बुलाया गया, वहां भी पद खाली हैं। “भाषण में सिर्फ एक लाख नौकरी देते हैं। हमारी मांग है कि सभी पद भरे जाएं। कितने पद खाली हैं, इसे सार्वजनिक किया जाए। सभी महाविद्यालयों में पद भरे जाएं,” पटवारी ने कहा।
उन्होंने आरोप लगाया कि कर्ज लेने और योजनाओं में कमीशन का खेल चल रहा है। सरकार खटहरा हो चुकी है। पोर्टल पर 25 लाख बेरोजगार दर्ज हैं, फिर भी पेपर लीक पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
पटवारी की मांगें
- सभी रिक्त पद सार्वजनिक कर भर्ती शुरू की जाए।
- वार्षिक कैलेंडर के अनुसार नियुक्तियां हों।
- पेपर लीक मामले में सख्त कार्रवाई हो।
- होल्ड पदों पर तुरंत नियुक्ति हो।
- प्रोफेसरों की भर्ती पारदर्शिता से हो।
- निष्पक्ष परीक्षाएं कराई जाएं।
पटवारी ने आरोप लगाया कि आरएसएस से जुड़े लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। कांग्रेस सरकार आने पर ऐसी नियुक्तियों की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि पटवारी भी सरकार की नहीं सुन रहे और काम करने से मना कर रहे हैं। सरकार अपनी नीति स्पष्ट करे। योजनाओं में पारदर्शिता नहीं है, सिर्फ राजनीतिक मैनेजमेंट चल रहा है।
“ये खटहरा सरकार है। गलत निर्णयों से सीएम की छवि खराब की जा रही है। ऐसे आयोजनों से किसी का भला नहीं होता,” पटवारी ने कहा।











