भोपाल, जीतेन्द्र यादव। मध्य प्रदेश विधानसभा के प्रश्नकाल में मंगलवार को केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने परियोजना से प्रभावित कई परिवारों को अब तक मुआवजा नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए मामले में करोड़ों रुपये के घोटाले की आशंका जताई। उन्होंने सरकार से प्रभावित ग्रामीणों को न्याय दिलाने और पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
प्रश्न के जवाब में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने बताया कि परियोजना के तहत पन्ना जिले के 7 गांवों के 1321 परिवारों का विस्थापन किया गया है, जबकि 8 गांवों के 1699 किसानों की भूमि अधिग्रहण से प्रभावित हुई है। इसके अलावा छतरपुर जिले के 14 गांवों सहित कुल 3718 परिवार भूमि अधिग्रहण और विस्थापन से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कोई ग्रामीण यह दावा करता है कि उसे मुआवजा नहीं मिला है, तो उसके प्रकरण का परीक्षण कर नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की मांग पर राजस्व मंत्री ने परियोजना से संबंधित सर्वे रिपोर्ट सदन के पटल पर रखने की भी सहमति दी। उन्होंने कहा कि सरकार प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है और किसी भी पात्र व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि परियोजना में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है या कोई पात्र व्यक्ति मुआवजे से वंचित रह गया है, तो उसकी जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार एक महीने के भीतर पूरे मामले की जांच कर सभी शिकायतों का निराकरण करेगी, ताकि प्रभावित परिवारों को न्याय मिल सके।




