भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में साइबर पुलिस की तमाम कोशिशों और जागरूकता अभियानों के बावजूद साइबर ठगी की घटनाओं पर लगाम नहीं लग पा रही है। शहर में शातिर जालसाज हर दिन नए-नए और अत्याधुनिक पैतरों का इस्तेमाल कर आम जनता से लेकर बैंक अधिकारियों तक को अपना शिकार बना रहे हैं। शहर के पिपलानी और अयोध्या नगर थाना क्षेत्रों में साइबर अपराध के चार बड़े मामले सामने आए हैं।


एआई (AI) से आवाज मिलाकर बैंक मैनेजर को ठगा, 15.65 लाख रुपये कराए ट्रांसफर

पिपलानी थाना क्षेत्र स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की सोनागिरी शाखा में एआई (Artificial Intelligence) तकनीक का इस्तेमाल कर एक बड़ी धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया।


धोखाधड़ी का तरीका

जालसाज ने बैंक की मुख्य प्रबंधक चंदना पुष्पा को 'सौम्या व्हीकल सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड' के कर्मचारी राजीव चौधरी के नाम से कॉल किया। ठग ने एआई तकनीक की मदद से कंपनी के संबंधित व्यक्ति की आवाज का हूबहू मिलान (Voice Cloning) कर बैंक मैनेजर का भरोसा जीता। आरोपी ने कंपनी के खाते से दो अलग-अलग खातों में 15.65 लाख रुपये ट्रांसफर करने की बात कही और इसके बाद ई-मेल के जरिए फर्जी आरटीजीएस (RTGS) अनुरोध भेजा।


प्रबंधक ने फर्जी ई-मेल और आवाज पर भरोसा करते हुए रकम ट्रांसफर कर दी। धोखाधड़ी का अहसास होते ही पुलिस और साइबर सेल को सूचना दी गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ट्रांसफर की गई कुछ राशि को होल्ड करवा दिया है, जबकि कुछ रकम वापस रिकवर कर ली गई है। शनिवार और रविवार को बैंक अवकाश होने के कारण पुलिस अब सोमवार को बैंक कर्मियों से विस्तृत पूछताछ कर रही है।


अयोध्या नगर में ऑनलाइन ठगी के तीन मामले, 3.28 लाख से अधिक की चपत

अयोध्या नगर थाना क्षेत्र में भी ऑनलाइन धोखाधड़ी के तीन अलग-अलग मामले सामने आए हैं, जिनमें कुल 3,28,935 रुपये की चपत लगाई गई है। साइबर सेल से ई-जीरो एफआईआर प्राप्त होने के बाद अयोध्या नगर पुलिस ने बीएनएस (BNS) की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


1. फर्जी पहचान बताकर 2.41 लाख की ठगी

दुर्गेश विहार निवासी अरविंदर कौर को अज्ञात नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को उनका परिचित/पहचान वाला बताकर अपनी बातों में उलझाया और विश्वास में लेकर 2.41 लाख रुपये ऐंठ लिए।


2. फर्जी दस्तावेज और रिश्तेदार का नाम लेकर 98 हजार ठगे

न्यू मिनाल रेसीडेंसी के निवासी राणा मोहिंदर प्रताप को ठगों ने रिश्तेदार का परिचित बताकर संपर्क किया। इसके बाद आरोपी ने फर्जी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड दिखाकर उन्हें झांसे में लिया और 98,935 रुपये की चपत लगा दी।


3. जांच एजेंसी का डर दिखाकर 88 हजार ऐंठे

अशोका गार्डन निवासी गितेश गणेश ने शिकायत में बताया कि ठगों ने उन्हें किसी फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी और जांच एजेंसी का डर दिखाकर उनसे 88 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवा लिए।


अयोध्या नगर थाना प्रभारी महेश लिल्हारे ने बताया कि तीनों मामलों में ई-जीरो एफआईआर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है और पुलिस की टीम साइबर सेल की मदद से आरोपियों के बैंक खातों व मोबाइल नंबरों को ट्रेस कर रही है।