मुंबई। संगीतकार शंकर महादेवन ने मशहूर फिल्म 'दिल चाहता है' के टाइटल ट्रैक से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने साथी संगीतकार एहसान नूरानी और लॉय मेंडोंसा और साउंड इंजीनियर विजय बेनेगल (बेनी) के साथ मिलकर इस गाने के 21 वर्जन तैयार किए थे।
हालांकि, आखिर में गाने के शुरुआती यानी स्क्रैच वर्जन को ही फिल्म में रखा गया, क्योंकि मेकर्स और पूरी टीम को वही सबसे ज्यादा पसंद आया।
स्पॉटिफाई के लिए बनाए गए एक खास वीडियो में शंकर महादेवन ने एहसान नूरानी, लॉय मेंडोंसा, प्लेबैक सिंगर शान और मेयांग चांग के साथ बातचीत की।
शंकर महादेवन ने कहा, ''क्या मैं इस गाने से जुड़ा एक और राज बताऊं? बेनी ने इस गाने के करीब 21 मिक्स तैयार किए थे, लेकिन आप जो सुन रहे हैं, वह रफ मिक्स है। इसमें कुछ जादुई बात थी। आप जो सुन रहे हैं, वह वास्तव में गाने का पहला स्क्रैच था, जो हमने तैयार किया था। इसमें बेस लाइन्स और बाकी चीजें भी थीं। हमारे पास कुछ नए सैंपल और शानदार ड्रम थे। हमने प्रयोग किया और वह सफल रहा। लोग कम चीजों के साथ काम करने से डरते हैं।''
उन्होंने आगे कहा कि संगीत के क्षेत्र में ज्यादातर लोग गाने में बहुत सारी चीजें भरना चाहते हैं। उनके मुताबिक, अगर आपको अपनी धुन, ग्रूव और बेस लाइन पर भरोसा है तो ज्यादा चीजों की जरूरत नहीं होती। एक अच्छा साउंड इंजीनियर मिक्सिंग के जरिए खाली जगह को अच्छी तरह भर सकता है।
'दिल चाहता है' से फरहान अख्तर ने निर्देशन की दुनिया में कदम रखा था। यह फिल्म आधुनिक हिंदी सिनेमा की चर्चित फिल्मों में शामिल हुई, खासकर शहरी दोस्ती, रोमांस और युवाओं की आजादी को पर्दे पर दिखाने के तरीके के कारण।
फिल्म में दिखाया गया गोवा रोड ट्रिप भी काफी लोकप्रिय हुआ और कई पीढ़ियों के युवाओं को अपने दोस्तों के साथ ऐसी यात्रा करने के लिए प्रेरित किया।
फिल्म के विजुअल, कैजुअल फैशन और बातचीत पर आधारित कहानी कहने के अंदाज ने भी बॉलीवुड में आधुनिक शहरी भारत को दिखाने के तरीके को प्रभावित किया। फिल्म का संगीत भी काफी लोकप्रिय हुआ, जिसमें रॉक, पॉप और भारतीय संगीत का मिश्रण देखने को मिला।














