इंदौर। इंदौर में पंजाबी सिंगर करण सिंह औजला के म्यूजिक कॉन्सर्ट को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। नगर निगम को इस हाई-प्रोफाइल शो से टैक्स के रूप में केवल 27 लाख रुपए ही प्राप्त हुए, जबकि अनुमानित टैक्स इससे कई गुना अधिक बताया जा रहा है।
करोड़ों की कमाई, लाखों में टैक्स
जानकारी के अनुसार इस शो की 20 हजार से ज्यादा टिकटें बिकीं, जिनकी कीमत 3 हजार से लेकर 6.49 लाख रुपए तक थी। अनुमान है कि कुल कलेक्शन 12 से 15 करोड़ रुपए के बीच रहा। ऐसे में 10% के हिसाब से टैक्स करीब 1.25 से 1.5 करोड़ रुपए बनता है, लेकिन नगर निगम को केवल 27 लाख रुपए ही मिले, जिससे करीब एक करोड़ रुपए से ज्यादा की टैक्स चोरी की आशंका जताई जा रही है।
दबाव के बाद जमा हुई राशि
रिपोर्ट्स के मुताबिक, आयोजन के दिन तक आयोजकों ने केवल 7 लाख रुपए ही जमा किए थे। मामला सामने आने और आलोचना बढ़ने के बाद 20 लाख रुपए और जमा कराए गए, तब जाकर कुल राशि 27 लाख तक पहुंची।
निगम पर भी उठे सवाल
नगर निगम के अधिकारियों, जिनमें आयुक्त आईएएस क्षितिज सिंघल और अपर आयुक्त आईएएस आकाश सिंह शामिल हैं, पर भी सवाल उठ रहे हैं कि वे समय रहते सख्ती नहीं दिखा पाए। बताया जा रहा है कि आयोजन से पहले कुछ आयोजकों की राजनीतिक संपर्कों के चलते निगम का रुख नरम रहा, जिससे वसूली में ढिलाई बरती गई।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे विवाद
यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले यो यो हनी सिंह के शो में 50 लाख की डिमांड के मुकाबले केवल 7.75 लाख रुपए ही वसूले गए थे। वहीं दिलजीत दोसांझ के शो में करीब 80 लाख रुपए टैक्स मिला था।
जांच और कार्रवाई पर नजर
अब इस पूरे मामले में नगर निगम की कार्यप्रणाली और टैक्स वसूली सिस्टम पर सवाल खड़े हो रहे हैं। देखना होगा कि प्रशासन इस कथित टैक्स गड़बड़ी पर आगे क्या कार्रवाई करता है।

