छिंदवाड़ा,जीशान अंसारी। परासिया रोड स्थित क्लेरिस अस्पताल में थायराइड ऑपरेशन को लेकर उठे विवाद पर अस्पताल प्रबंधन ने अपना पक्ष रखा है। सर्जन डॉ. मनन गोगिया ने बताया कि महिला मरीज का केस पहले से ही जटिल था, जिसे ध्यान में रखते हुए पूरी सावधानी और मेडिकल प्रोटोकॉल के तहत सर्जरी की गई। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन से पहले मरीज के परिजनों को स्थिति की गंभीरता, संभावित जोखिम और पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई थी तथा लिखित सहमति के बाद ही ऑपरेशन किया गया।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार सर्जरी के बाद मरीज को कम से कम तीन सप्ताह तक विशेष निगरानी और आराम की जरूरत थी, लेकिन परिजनों ने जल्दबाजी में मरीज को दूसरे अस्पताल रेफर करवा दिया। प्रबंधन का कहना है कि उपचार पूरा किए बिना मरीज को ले जाने से स्थिति प्रभावित हो सकती है। डॉ. गोगिया ने अपने अनुभव का हवाला देते हुए बताया कि वे अब तक 250 से अधिक थायराइड ऑपरेशन कर चुके हैं और हर केस में मानक प्रक्रियाओं का पालन किया जाता है।
अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि इलाज के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई है और मरीज के परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोप निराधार और तथ्यहीन हैं।

